सीजी भास्कर, 17 मार्च। छत्तीसगढ़ में मनरेगा, महंगाई और बढ़ते अपराध जैसे मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने मंगलवार को विधानसभा (Sachin Pilot Statement CG) घेराव किया। घेराव से पहले भारत माता चौक पर आयोजित सभा में पार्टी नेताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर हमला बोला और जनहित के मुद्दों को लेकर आंदोलन तेज करने के संकेत दिए।
सभा को संबोधित करते हुए प्रदेश प्रभारी Sachin Pilot ने कहा कि केंद्र सरकार अब दबाव में फैसले ले रही है, जिसका सीधा असर किसानों और गरीबों पर पड़ रहा है। उन्होंने मनरेगा फंडिंग और उसके नियंत्रण को लेकर भी सवाल उठाए।
मनरेगा और महंगाई बना मुख्य मुद्दा
सचिन पायलट ने कहा कि पहले मनरेगा के तहत राज्यों को अधिक स्वतंत्रता और पर्याप्त फंड मिलता था, लेकिन अब व्यवस्था में बदलाव कर इसे नियंत्रित किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे मजदूरों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर असर पड़ेगा।
इसके साथ ही गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों और महंगाई को लेकर भी सरकार (Sachin Pilot Statement CG) को घेरा गया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि आम आदमी पर आर्थिक दबाव लगातार बढ़ रहा है।
भूपेश बघेल का तीखा हमला, केंद्र पर साधा निशाना
पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel ने प्रधानमंत्री Narendra Modi पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि किसानों को जरूरी संसाधन तक उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं।
उन्होंने मनरेगा, खाद उपलब्धता और महंगाई के मुद्दों को उठाते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए। साथ ही आगामी चुनावों में कांग्रेस की सरकार बनने का दावा भी किया।
चरणदास महंत बोले – विरोध की आवाज दबाई जा रही
नेता प्रतिपक्ष Charandas Mahant ने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष की आवाज को दबाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि न तो सड़कों पर खुलकर विरोध करने दिया जा रहा है और न ही विधानसभा में मुद्दों पर चर्चा हो पा रही है।
महंत ने बड़े उद्योगपतियों को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि संसाधनों का लाभ आम लोगों तक नहीं पहुंच रहा है।
दीपक बैज का दावा जनता के मुद्दों पर जारी रहेगा संघर्ष
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Deepak Baij ने कहा कि यह घेराव सिर्फ एक विरोध नहीं, बल्कि जनता के मुद्दों (Sachin Pilot Statement CG) की आवाज है। उन्होंने बिजली बिल, बेरोजगारी, धान खरीदी और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों को उठाते हुए सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया।
चुनावी माहौल के बीच तेज हुई सियासत
इस घेराव के साथ ही प्रदेश में राजनीतिक माहौल और गरमा गया है। कांग्रेस जहां जनहित के मुद्दों को लेकर सरकार को घेर रही है, वहीं आने वाले चुनावों को देखते हुए यह आंदोलन सियासी रणनीति का भी हिस्सा माना जा रहा है।





