सीजी भास्कर, 20 मार्च। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने (Sakti Murder Case) आई है, जहां जमीन के पैसे वापस मांगना एक दिव्यांग शिक्षक के लिए जानलेवा साबित हुआ। मामूली विवाद देखते ही देखते हत्या में बदल गया और आरोपी ने वारदात को छिपाने के लिए सबूत तक मिटाने की कोशिश की।
मामला जैजैपुर थाना क्षेत्र के ग्राम जर्वे का है, जहां 42 वर्षीय शिक्षक देवानंद भारद्वाज की बेरहमी से हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि वह दिव्यांग थे और ट्राइसाइकिल की मदद से चलने-फिरने का काम करते थे।
7 लाख का सौदा, लेकिन रजिस्ट्री नहीं
जानकारी के मुताबिक गांव के ही रहने वाले टीमन लाल ने शिक्षक से जमीन खरीदने के लिए करीब 7 लाख रुपये में सौदा किया था। रकम लेने के बावजूद आरोपी ने न तो जमीन की रजिस्ट्री कराई और न ही पैसा वापस किया। जब शिक्षक ने लगातार अपने पैसे वापस मांगने शुरू किए, तो दोनों के बीच विवाद बढ़ता गया।
गुस्से में की हत्या, फिर जलाए सबूत
बताया जा रहा है कि इसी विवाद के दौरान आरोपी ने कुल्हाड़ी से शिक्षक का गला काटकर हत्या (Sakti Murder Case) कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद उसने शव को जलाने की कोशिश की, साथ ही ट्राइसाइकिल को भी आग के हवाले कर दिया, ताकि पहचान और सबूत दोनों मिट जाएं।
वारदात के बाद फरार आरोपी
घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
सवालों के घेरे में इंसानियत
यह घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि समाज में बढ़ती संवेदनहीनता को भी उजागर (Sakti Murder Case) करती है, जहां पैसे के विवाद में एक दिव्यांग व्यक्ति तक को नहीं बख्शा गया।


