सीजी भास्कर, 07 मार्च। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के रहने वाले Sanjay Dahriya ने संघर्ष और हौसले की ऐसी मिसाल पेश (Sanjay Dahriya UPSC Story) की है, जिसे जानकर हर कोई प्रेरित हो रहा है। 38 साल की उम्र में उन्होंने UPSC Civil Services Examination पास कर ली और 946वीं रैंक हासिल की। खास बात यह है कि उन्होंने यह सफलता कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से लड़ते हुए हासिल की।
तीसरे प्रयास में मिली सफलता
संजय डहरिया मूल रूप से महासमुंद जिले के बेलटुकरी गांव के निवासी हैं। साधारण किसान परिवार से आने वाले संजय ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। उन्होंने यूपीएससी परीक्षा में यह सफलता अपने तीसरे प्रयास में पाई।
गांव से शुरू हुई पढ़ाई
संजय ने अपनी शुरुआती पढ़ाई गांव के सरकारी स्कूल (Sanjay Dahriya UPSC Story) से की। इसके बाद उन्होंने रायपुर के Jawahar Navodaya Vidyalaya Mana से 12वीं तक शिक्षा प्राप्त की। आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने महासमुंद के Vallabhacharya Government College Mahasamund से अर्थशास्त्र में स्नातक किया।
कई नौकरियों में किया काम
संजय डहरिया ने अपने करियर में कई जगह काम भी किया। उन्होंने State Bank of India की परीक्षा पास कर 2009 से 2011 तक पश्चिम बंगाल की एक शाखा में सेवाएं दीं। इसके बाद उन्होंने IDBI Bank सहित अन्य संस्थानों में भी काम किया। हालांकि उनका लक्ष्य सिविल सेवा था, इसलिए वे नौकरी करते हुए भी लगातार तैयारी करते रहे।
कैंसर से भी नहीं टूटा हौसला
संजय के जीवन की सबसे बड़ी चुनौती तब सामने आई जब वर्ष 2012 में उन्हें लार ग्रंथियों में कैंसर होने का पता चला। इलाज के लिए उन्होंने मुंबई में उपचार कराया, लेकिन बीमारी के बावजूद उन्होंने अपने सपने (Sanjay Dahriya UPSC Story) को नहीं छोड़ा। कठिन परिस्थितियों के बीच भी उन्होंने पढ़ाई जारी रखी और आखिरकार यूपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल कर ली।
युवाओं के लिए बने प्रेरणा
अपनी सफलता पर संजय ने इसका श्रेय अपने परिवार, दोस्तों और गुरुजनों को दिया। उनका कहना है कि वे प्रशासनिक सेवा में जाकर देश और समाज की सेवा करना चाहते हैं। संजय डहरिया की कहानी यह साबित करती है कि अगर हौसला मजबूत हो तो कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी सफलता हासिल की जा सकती है।





