सीजी भास्कर, 15 जनवरी। धान खरीदी (Saraipali Rice Mill Action) और भंडारण व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से महासमुंद जिला प्रशासन द्वारा राइस मिलों का सतत भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। इसी क्रम में सरायपाली विकासखंड अंतर्गत बालोदिया राइस मिल में की गई जांच के दौरान गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। भौतिक सत्यापन में राइस मिल में 61,203 बोरा धान की कमी पाए जाने पर प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए मिल परिसर में उपलब्ध संपूर्ण धान एवं चावल के स्टॉक को जब्त कर लिया है।
अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सरायपाली के नेतृत्व में खाद्य एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने राइस मिल (Saraipali Rice Mill Action) का विस्तृत भौतिक सत्यापन किया। जांच के दौरान राइस मिल परिसर में 2328 क्विंटल चावल, जो कि 4656 बोरों के बराबर है, तथा 37,759.6 क्विंटल धान, यानी 94,399 बोरा भौतिक रूप से उपलब्ध पाया गया। जबकि अभिलेखों के अनुसार इससे कहीं अधिक मात्रा में धान का स्टॉक दर्ज था। दस्तावेजों और भौतिक उपलब्धता में भारी अंतर पाए जाने पर प्रशासन ने इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए कार्रवाई की।
भारी मात्रा में धान की कमी सामने आने के बाद राइस मिल में मौजूद धान और चावल (Saraipali Rice Mill Action) के संपूर्ण स्टॉक को जब्त कर लिया गया है। जब्ती की यह कार्रवाई आगामी कानूनी प्रक्रिया और विस्तृत जांच के अधीन रखी गई है। प्रशासन अब यह भी जांच कर रहा है कि धान की यह कमी किस स्तर पर और किन कारणों से हुई।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में धान खरीदी, भंडारण और परिवहन व्यवस्था को सुव्यवस्थित एवं पारदर्शी बनाए रखने के लिए इस प्रकार की सख्त कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले राइस मिल संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि किसानों के धान और सरकारी संसाधनों के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही या गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


