सीजी भास्कर, 20 फरवरी। छत्तीसगढ़ सरकार की सौर सुजला योजना किसानों के लिए आर्थिक मजबूती का आधार (Saur Sujala Yojana CG) बनती जा रही है। योजना के तहत किसानों के खेतों में सोलर सिंचाई पंप स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे उन्हें बिजली बिल के भुगतान से मुक्ति मिली है और खेती की लागत में उल्लेखनीय कमी आई है। सौर ऊर्जा आधारित पंपों के उपयोग से कृषि उत्पादन में वृद्धि के साथ-साथ भू-जल संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।
इस योजना का संचालन छत्तीसगढ़ राज्य नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी (CREDA) द्वारा किया जा रहा है। योजना का उद्देश्य उन किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना है, जिनके खेतों तक विद्युत विस्तार लाइन पहुंचाना संभव नहीं है या अत्यधिक खर्चीला है। ऐसे किसान अब सौर ऊर्जा आधारित पंपों से अपने खेतों की सिंचाई कर पा रहे हैं और मानसून पर निर्भरता कम हुई है।
योजना के अंतर्गत जिन किसानों के सोलर पंप तकनीकी कारणों से बंद हो गए थे, उनके सुधार की भी व्यवस्था की गई है। यदि स्थापना करने वाली इकाई द्वारा समय पर सुधार कार्य (Saur Sujala Yojana CG) नहीं किया गया, तो क्रेडा मुख्यालय रायपुर द्वारा जमा सुरक्षानिधि से पंपों की मरम्मत या प्रतिस्थापन की स्वीकृति दी गई। इसके तहत छुरिया और डोंगरगांव विकासखंड के कई किसानों को नया कंट्रोलर, पैनल या पंप उपलब्ध कराया गया, जिससे उनके पंप दोबारा चालू हो सके।
योजना में लाभार्थी का चयन कृषि विभाग द्वारा किया जाता है। 3 एचपी क्षमता वाले पंप के लिए अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग को 10 हजार रुपये, अन्य पिछड़ा वर्ग को 15 हजार रुपये और सामान्य वर्ग को 21 हजार रुपये अंशदान देना होता है। वहीं 5 एचपी पंप के लिए यह राशि क्रमशः 14,800 रुपये, 19,800 रुपये और 24,800 रुपये निर्धारित है, जिसमें प्रोसेसिंग शुल्क भी शामिल है।
सौर सुजला योजना उन किसानों के लिए विशेष रूप से लाभकारी साबित (Saur Sujala Yojana CG) हो रही है, जिनके पास भूमि तो है, लेकिन सिंचाई के साधन सीमित थे। नदी, नाला, कुएं या बोरवेल जैसे जल स्रोतों के पास सोलर पंप लगाकर अब वे नियमित सिंचाई कर पा रहे हैं। इससे फसल की बर्बादी का जोखिम कम हुआ है और किसानों की आय में स्थिरता आई है।
राज्य सरकार का मानना है कि सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई व्यवस्था न केवल पर्यावरण के अनुकूल है, बल्कि लंबे समय में किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।






