सीजी भास्कर, 28 जनवरी | रायपुर। School Cook Death Case: प्रदेश में सामने आए दो रसोइयों की मृत्यु के मामले को लेकर लोक शिक्षण संचालनालय ने स्थिति स्पष्ट करते हुए अपना आधिकारिक पक्ष रखा है। विभाग का कहना है कि इस पूरे घटनाक्रम को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं, जिन्हें दूर करना आवश्यक था, ताकि वास्तविक तथ्यों के आधार पर स्थिति को समझा जा सके।
हड़ताल और मानदेय बढ़ोतरी का संदर्भ
लोक शिक्षण संचालनालय के अनुसार, हड़ताल के दौरान रसोइयों के प्रतिनिधियों के साथ संचालक स्तर पर चर्चा की गई थी। इस बैठक में शासन की ओर से संवेदनशील रुख अपनाते हुए रसोइयों के मानदेय में 25 प्रतिशत की वृद्धि, यानी 500 रुपये बढ़ाने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई थी। साथ ही हड़ताल समाप्त कर घर लौटने का आग्रह भी किया गया था, लेकिन कुछ रसोइयों ने धरना स्थल पर ही रुकने का निर्णय लिया।
मृत रसोइयों से जुड़ी स्वास्थ्य जानकारी
विभाग द्वारा जारी विवरण के अनुसार, मृतकों में से एक महिला रसोईया बालोद जिले की रहने वाली थी, जो कुछ दिनों तक धरना स्थल पर मौजूद रही, लेकिन बाद में अपने गांव लौट गई थी। वहां उसकी तबीयत बिगड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। दूसरी महिला रसोईया बेमेतरा जिले के बेरला विकासखंड की निवासी थी, जो पहले से गंभीर बीमारी से पीड़ित थी और उपचार के दौरान उसकी जान चली गई।
हड़ताल से सीधा संबंध नहीं
लोक शिक्षण संचालनालय ने अपने स्पष्टीकरण में यह स्पष्ट किया है कि दोनों मामलों में रसोइयों की मृत्यु का धरना स्थल या हड़ताल से कोई प्रत्यक्ष संबंध सामने नहीं आया है। विभाग का कहना है कि स्वास्थ्य कारणों को नजरअंदाज कर घटनाओं को किसी एक कारण से जोड़ना सही नहीं होगा।
शिक्षा मंत्री का बयान
मामले पर शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि रसोइयों की तबीयत खराब होने की सूचना मिलने पर उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मंत्री के अनुसार, रसोइयों के प्रतिनिधियों से पहले ही बातचीत हो चुकी थी और 25 प्रतिशत मानदेय वृद्धि पर सहमति बनी थी। आगे की वृद्धि किस्तों में करने पर भी चर्चा हुई है। मौत के सटीक कारणों की जानकारी रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
आगे की दिशा
शिक्षा विभाग का कहना है कि राज्य शासन रसोइयों के कल्याण, स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर सतर्क है। भविष्य में उनके हित में आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे और किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।




