School Education Budget 2026 : राज्य विधानसभा में स्कूल शिक्षा विभाग का 22 हजार 466 करोड़ रुपये का बजट ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। सरकार का कहना है कि यह बजट शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, समावेशी और गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। नए प्रावधानों के तहत सरकारी स्कूलों में पहली कक्षा से योग की पढ़ाई शुरू होगी, वहीं वैदिक गणित को भी पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाएगा।
पाठ्यक्रम में योग और वैदिक गणित को मिलेगा स्थान
शिक्षा विभाग के मुताबिक नई व्यवस्था के तहत बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसी उद्देश्य से प्रारंभिक कक्षाओं से योग को पढ़ाई का हिस्सा बनाया जा रहा है। साथ ही गणित की समझ को आसान बनाने के लिए वैदिक गणित की तकनीकों को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। इसके अलावा स्कूलों में आखिरी पीरियड को खेल गतिविधियों के लिए अनिवार्य करने की योजना भी लागू की जाएगी।
पीएम श्री योजना के तहत आधुनिक सुविधाओं का विस्तार
सरकार ने PM SHRI Schools Scheme के तहत स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए बजट में 250 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इन स्कूलों में ग्रीन स्कूल कॉन्सेप्ट, स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी, आधुनिक प्रयोगशालाएं और खेल सुविधाओं का विकास किया जाएगा। इसके साथ ही छात्रों के लिए करियर काउंसिलिंग और शिक्षकों के लिए उच्च शिक्षण संस्थानों के माध्यम से प्रशिक्षण की व्यवस्था भी की जाएगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में बनेंगे स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालय
बजट में प्रदेश के विभिन्न ब्लॉकों के ग्रामीण इलाकों में 150 स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालय स्थापित करने की योजना भी शामिल है। इसके लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार का कहना है कि इन विद्यालयों के माध्यम से ग्रामीण विद्यार्थियों को भी शहरों के समान गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।
नवा रायपुर में बनेगा आधुनिक शिक्षा प्रशासनिक भवन
शिक्षा विभाग के प्रशासनिक कार्यों को बेहतर बनाने के लिए Naya Raipur में एक आधुनिक प्रशासनिक कॉम्पोजिट भवन का निर्माण भी प्रस्तावित किया गया है। इसके लिए शुरुआती चरण में 5 करोड़ 90 लाख रुपये का प्रावधान रखा गया है। इस भवन में लोक शिक्षण संचालनालय, समग्र शिक्षा, संस्कृत विद्या मंडल, मदरसा बोर्ड और माध्यमिक शिक्षा मंडल जैसे कई महत्वपूर्ण कार्यालय संचालित किए जाएंगे।
डिजिटल व्यवस्था से मिलेंगे मार्कशीट और प्रमाणपत्र
छात्रों के लिए शैक्षणिक दस्तावेज प्राप्त करने की प्रक्रिया को आसान बनाने के उद्देश्य से डिजिटल सिस्टम लागू किया जाएगा। इसके तहत छात्रों की मार्कशीट और ट्रांसफर सर्टिफिकेट ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध कराए जाएंगे। नए सिस्टम में सभी दस्तावेजों पर क्यूआर कोड और यूनिक आईडी दी जाएगी, जिससे उनकी डिजिटल सत्यता की जांच आसानी से की जा सकेगी।
तीसरी कक्षा की परीक्षा अब टैबलेट से होगी
शिक्षा क्षेत्र में डिजिटल बदलाव को आगे बढ़ाते हुए तीसरी कक्षा के विद्यार्थियों की बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान की परीक्षा अब टैबलेट के माध्यम से आयोजित की जाएगी। पहले यह परीक्षा ओएमआर शीट के जरिए ली जाती थी, लेकिन अब इसे पूरी तरह डिजिटल प्लेटफॉर्म पर स्थानांतरित किया जा रहा है, जिससे डेटा संग्रह और परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया तेज और पारदर्शी हो सकेगी।





