सीजी भास्कर, 28 जुलाई। राजस्थान के लगभग एक दर्जन जिलों में सोमवार सुबह से भारी वर्षा का सिलसिला जारी रहा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति गंभीर हो गई। भारी वर्षा के पूर्वानुमान के कारण प्रदेश के 11 जिलों में स्कूलों में अगले दो दिनों तक अवकाश घोषित किया गया है।
धौलपुर में निरंतर हो रही बारिश के कारण नार्वती नदी उफान पर है, जिससे जिला मुख्यालय से लगभग 60 गांवों का संपर्क टूट गया है। भीलवाड़ा में रविवार से जारी बारिश ने बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न कर दी है। बिजौलिया और शाहपुरा क्षेत्रों में सड़कों पर पांच से छह फीट पानी भर गया है, जिससे सड़कों पर नावें चल रही हैं। लोगों को नावों के माध्यम से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।सिरोही के केराल गांव में एक निजी स्कूल की बस पानी में फंस गई, जिसमें सवार 35 बच्चों को ट्रैक्टर और क्रेन की मदद से सुरक्षित निकाला गया।
चित्तौड़गढ़ में बेड़च नदी की पुलिया पार करते समय दो बाइक सवार युवक बह गए हैं, जिनकी तलाश जारी है। झालावाड़ में भी भारी बारिश के कारण कई गांवों में स्थिति बिगड़ गई है।
प्रशासन ने भीलवाड़ा, झालावाड़ और चित्तौड़गढ़ में प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ ही भोजन के पैकेट भी वितरित किए हैं। मौसम विभाग ने मंगलवार और बुधवार को भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
चौबीस घंटे में 155 मिमी वर्षा से पटना के निचले इलाके डूबे
बिहार के पटना में 24 घंटे के दौरान 155.2 मिमी बारिश से निचले इलाके डूब गए। कंकड़बाग, राजेंद्रनगर व पाटलिपुत्र कालोनी में घुटने से कमर भर पानी जमा हो गया। एनएमसीएच व श्री गुरु गोविंद सिंह सदर अस्पताल में परिसर से लेकर वार्ड व आइसीयू तक पानी फैल गया।
शहर के अधिकतर गली-मोहल्ले व सड़कों पर तालाब जैसा दृश्य दिखा। एयरपोर्ट पर छह उड़ाने विलंबित रहीं।
ट्रैक पर पानी आने से पटना के आसपास कई ट्रेनों को रोकना पड़ा। मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले चार से छह दिनों तक पटना सहित दक्षिणी भागों में अच्छी वर्षा की संभावना व्यक्त की है।
चार जिलों जमुई, बांका, भागलपुर और अररिया में बहुत भारी वर्षा को लेकर आरेंज अलर्ट एवं तीन जिलों गया, नवादा और मुंगेर जिले के एक या दो स्थानों पर भारी वर्षा को लेकर चेतावनी जारी की गई है।


