सीजी भास्कर, 02 जनवरी। मुंगेली जिले के विकासखंड पथरिया अंतर्गत ग्राम रामबोड़ के प्रगतिशील कृषक श्री गंगाराम कौशिक ने वैज्ञानिक पद्धतियों (scientific farming) को अपनाकर धान उत्पादन (paddy production) में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।
परंपरागत खेती में जहां उत्पादन सीमित रहता था, वहीं कृषि विभाग (Agriculture Department) के मार्गदर्शन में उन्नत तकनीकों को अपनाने से उन्हें प्रति एकड़ 22-25 क्विंटल धान (paddy yield) का उत्पादन प्राप्त हुआ, जो पहले की तुलना में लगभग दोगुना है। श्री कौशिक के पास कुल 0.848 हेक्टेयर कृषि भूमि है।
अधिक उत्पादन और आय बढ़ाने के उद्देश्य से उन्होंने ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी गेंदलाल पात्रे तथा वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी एल. के. कोशले से तकनीकी सलाह ली। अधिकारियों के मार्गदर्शन में उन्होंने ग्रीष्मकालीन गहरी जुताई बीज उपचार , रोपाई के दौरान हर 12 फीट पर 20 सेमी की पट्टी छोड़ना, तथा हर 15 दिन में नीमेड छिड़काव (Neemade spray) जैसी वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाया।
इसके साथ ही उन्होंने प्रमाणित बीज (certified seeds) और कल्चर का उपयोग किया, तथा गभोट अवस्था (tillering stage) में प्रति एकड़ 2 किलो बोरान और नैनो यूरिया (nano urea) का छिड़काव किया। इन सभी उपायों का सकारात्मक प्रभाव फसल पर स्पष्ट रूप से देखने को मिला।
किसान कौशिक ने बताया कि वैज्ञानिक खेती (scientific farming) करने पर न केवल उत्पादन (yield) लक्ष्य प्राप्त हुआ, बल्कि लागत के अनुपात में बेहतर लाभ भी मिला, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार आया है। उनकी यह सफलता क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत (inspiration for farmers) बन रही है और यह साबित करती है कि सही तकनीक और मार्गदर्शन से कृषि (farming) को लाभकारी बनाया जा सकता है।





