सीजी भास्कर, 17 मार्च। जिले में बीते 24 घंटे के भीतर तीन अलग-अलग स्थानों से आत्महत्या की घटनाएं सामने आने के बाद माहौल (SECL Employee Death Korba) भारी हो गया है। शहर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुई इन घटनाओं ने न केवल लोगों को झकझोर दिया है, बल्कि कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं कि आखिर किन परिस्थितियों में लोग इतना बड़ा कदम उठाने को मजबूर हो रहे हैं।
पहली घटना मानिकपुर चौकी क्षेत्र की है, जहां एसईसीएल सेंट्रल वर्कशॉप में पदस्थ एक कर्मचारी ने जेपी कॉलोनी स्थित अपने क्वार्टर में फांसी लगाकर जान दे दी। शुरुआती जानकारी के अनुसार वह लंबे समय से बीमारी से जूझ रहा था, वहीं उसकी पत्नी भी अस्वस्थ बताई जा रही है। दोनों का इलाज निजी अस्पताल में चल रहा था। इस घटना के बाद कॉलोनी में सन्नाटा पसरा हुआ है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
रेलवे ब्रिज पर मिला युवक का शव, पहचान अब तक नहीं
दूसरी घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के सर्वमंगला रेलवे ब्रिज की है, जहां करीब 25 फीट ऊंचाई पर एक युवक की लाश फंदे से लटकती मिली। सुबह जब लोग हसदेव नदी किनारे पहुंचे तो उनकी नजर ब्रिज की सीढ़ियों पर पड़ी, जहां यह दृश्य देखकर हड़कंप मच गया।
सूचना मिलते ही पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल की टीम मौके (SECL Employee Death Korba) पर पहुंची। मृतक की पहचान अब तक नहीं हो पाई है, लेकिन मौके से मिले कुछ सामान और परिस्थितियों को देखते हुए मामले को प्रेम प्रसंग से जोड़कर भी देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि देर रात युवक को एक युवती के साथ आसपास देखा गया था। फिलहाल पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है।
जमनीपाली में युवक ने भी उठाया आत्मघाती कदम
तीसरी घटना दर्री थाना क्षेत्र के जमनीपाली की है, जहां 35 वर्षीय राकेश साहू ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि वह एक दिन पहले ही गांव से वापस लौटा था। घटना के पीछे के कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाए हैं, लेकिन पुलिस परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है।
लगातार घटनाओं से बढ़ी चिंता, जांच में जुटी पुलिस
तीनों ही मामलों में पुलिस ने अलग-अलग जांच शुरू कर दी है। हर घटना की परिस्थितियां (SECL Employee Death Korba) अलग हैं, लेकिन एक ही दिन में तीन मौतों ने जिले में चिंता का माहौल बना दिया है। प्रशासनिक स्तर पर भी इन घटनाओं को गंभीरता से लिया जा रहा है। जानकार मानते हैं कि सामाजिक और मानसिक दबावों को समझना और समय रहते सहायता उपलब्ध कराना अब पहले से ज्यादा जरूरी हो गया है।





