सीजी भास्कर 24 अप्रैल
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक ग्रामीण ने अपनी बड़ी मां की बेरहमी से पिटाई कर हत्या कर दी। इसके बाद आरोपी ने शव को बाइक में ले जाकर जंगल में फेंक दिया। चार दिन बाद सड़ी-गली लाश मिलने पर पूरे मामले का खुलासा हुआ। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मामला छाल थाना क्षेत्र का है।
लापता होने की शिकायत से खुला मामला
जानकारी के अनुसार, बुधवार को ग्राम बेहरामार निवासी लोकनाथ राठिया ने थाना छाल में अपनी मां केवला बाई राठिया (70) के 4-5 दिनों से लापता होने की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने जमीन विवाद को लेकर अपने चचेरे भाई आशन राठिया (36) पर संदेह जताया। इसी दौरान पुलिस को बेहरामार-जामपाली पगडंडी मार्ग के पास जंगल में शव मिलने और दुर्गंध आने की सूचना मिली।
जंगल में मिला सड़ा-गला शव
सूचना मिलते ही थाना प्रभारी ने वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया और टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वहां झाड़ियों के बीच गड्ढे में एक महिला का सड़ा-गला शव मिला, जिसकी पहचान केवला बाई राठिया के रूप में हुई।
जमीन विवाद बना हत्या की वजह
जांच के दौरान परिजनों से पूछताछ में सामने आया कि जमीन के बंटवारे और बिक्री को लेकर आशन राठिया और केवला बाई के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। 18 अप्रैल को केवला बाई महुआ बीनने गई थीं, तभी विवाद के दौरान आरोपी ने उन पर लात-घूसों और मुक्कों से हमला कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई।
सबूत छिपाने के लिए जंगल में फेंका शव
हत्या के बाद आरोपी ने मामले को छिपाने के लिए शव को मोटरसाइकिल में लादकर जंगल के झुरमुट में फेंक दिया। पुलिस ने संदेह के आधार पर आशन राठिया को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने अपराध स्वीकार कर लिया।
आरोपी गिरफ्तार, जेल भेजा गया
पुलिस ने आरोपी के पास से घटना में प्रयुक्त बाइक और जमीन से जुड़े दस्तावेज जब्त कर उसे गिरफ्तार कर लिया। बाद में उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस की सख्त चेतावनी
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि जमीन या पारिवारिक विवाद में कानून हाथ में लेना समाधान नहीं है। ऐसे जघन्य अपराधों पर रायगढ़ पुलिस जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कड़ी कार्रवाई करेगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि विवादों का समाधान कानून और संवाद के माध्यम से करें, न कि हिंसा के जरिए।


