सीजी भास्कर, 26 जनवरी। ठंड और तनाव के बीच भी उनका संकल्प नहीं डगमगाया। हालात सामान्य नहीं थे, लेकिन संदेश स्पष्ट था – जारी रहेगा। गणतंत्र दिवस के मौके पर हुआ यह दृश्य श्रद्धालुओं के लिए भावुक (Shankaracharya Protest) करने वाला भी था और सवाल खड़े करने वाला भी।
प्रयागराज में ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का अनशन नौवें दिन भी जारी रहा। गणतंत्र दिवस के अवसर पर उन्होंने अपने शिविर के बाहर ही राष्ट्रध्वज फहराया और शिष्यों व अनुयायियों के साथ राष्ट्रगान किया। इसके बाद वे दोबारा अनशन पर बैठ गए और भारत माता की जय के नारों के साथ अपनी बात रखी।
गौरतलब है कि मौनी अमावस्या पर हुए विवाद के बाद से स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती लगातार अनशन पर हैं। इस दौरान उनका शिविर आस्था और विरोध—दोनों का केंद्र (Shankaracharya Protest) बना हुआ है। गणतंत्र दिवस पर ध्वजारोहण कर उन्होंने यह संकेत दिया कि उनका आंदोलन संविधान और राष्ट्र के प्रति सम्मान के साथ जारी है।
हाल के दिनों में उनके शिविर के बाहर तनावपूर्ण स्थिति भी देखने को मिली थी। शाम के समय कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा जबरन शिविर में प्रवेश की कोशिश की गई थी, जिसका सेवकों ने विरोध किया। इस दौरान हाथापाई की स्थिति बन गई, जिससे माहौल काफी देर तक तनावपूर्ण रहा।
इस घटना के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अपनी जान, शिविर में रह रहे श्रद्धालुओं और संपत्ति की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी। उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग भी की थी।
लगातार खुले स्थान पर अनशन और ठंड के कारण उनकी तबीयत बिगड़ने की खबरें भी सामने आई थीं। इसे लेकर उनके अनुयायियों और समर्थकों में नाराजगी (Shankaracharya Protest) देखी गई, वहीं अनशन को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।




