सीजी भास्कर, 21 सितंबर। दुर्ग पुलिस ने शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में एक पति-पत्नी सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इन शातिरों ने लोगों को 40% तक के मुनाफे का लालच दे पैसे हड़प लिए। उन पैसों से अपनी लाइफस्टाइल को लक्जरी बना लिया। (Share Market Fraud)
कैसे देते थे ठगी को अंजाम?
यह पूरा मामला तब सामने आया जब करण शर्मा नामक एक शख्स ने स्मृति नगर पुलिस चौकी में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार –
स्नेहाशु नामदेव और उसकी पत्नी डाली नामदेव ने अपने कुछ साथियों निशा मानिकपुरी, धातरी कोसरे और शुभम गुप्ता के साथ मिलकर दो फर्जी कंपनियां—’निशा बिजनेस कंसलटेंट प्राइवेट लिमिटेड‘ और ‘यूनिक इन्वेस्टमेंट सॉल्यूशन‘—खोली थीं।
ये शातिर लोगों को शेयर मार्केट (Share Market Fraud) में पैसे लगाने पर हर महीने 20 से 40% तक का भारी मुनाफा देने का वादा करते थे। निवेशकों को विश्वास दिलाने के लिए ये फर्जी दस्तावेज और कंप्यूटर से तैयार किए गए पासवर्ड भेजते थे। जिससे लगता था कि सब कुछ सही है।
पीड़ितों को तब अहसास हुआ कि उनके साथ धोखा हुआ है जब न तो उन्हें कोई मुनाफा मिला और न ही उनकी मूल रकम वापस मिली। इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत की।जांच में यह भी पता चला कि इन कंपनियों का सेबी (SEBI) और आरबीआई (RBI) में कोई भी रजिस्ट्रेशन नहीं था, जो इस गिरोह के फर्जी होने की पुष्टि करता है।
लग्जरी लाइफ का सच आया सामने
पुलिस ने पूछताछ के बाद सभी पांचों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। जांच में पुलिस ने पाया कि मुख्य साजिशकर्ता स्नेहांशु नामदेव ने अपनी पत्नी और निशा मानिकपुरी को कंपनी का फर्जी डायरेक्टर बनाया था।
धोखाधड़ी के पैसों (Share Market Fraud) से आरोपियों ने एक करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति जुटाई थी।
पुलिस ने उनके पास से एक टाटा कर्व कार, एक हार्ले डेविडसन मोटरसाइकल, सोने-चांदी के गहने और महंगे मोबाइल फोन जैसे सामान बरामद किए हैं। इसके अलावा, एक फ्लैट के दस्तावेज, कंप्यूटर और पासबुक भी जब्त किए गए हैं।
फिलहाल, सभी पांच आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं और मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस इन आरोपियों की और भी संपत्तियों की जानकारी जुटा रही है।


