सीजी भास्कर, 29 दिसंबर। प्रदेश में शेयर मार्केट के नाम पर करोड़ों की ठगी कर सुर्खियां बटोरने वाला रायकोना का कुख्यात महाठग शिवा साहू (Shiva Sahu Fraud Case) एक बार फिर अपराध की दुनिया में सक्रिय हो गया है। उच्च न्यायालय से जमानत मिलने के तुरंत बाद उसने फर्जी थाना दस्तावेज (Fake Police Documents) तैयार कर बैंकिंग व्यवस्था को चकमा दिया और होल्ड खातों से कुल 31 लाख रुपये निकाल लिए। इस वारदात ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ज्ञात हो कि सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले के रायकोना निवासी शिवा साहू (Shiva Sahu Fraud Case) ने “शेयर मार्केट में पैसा डबल” का लालच देकर सरसींवा, सारंगढ़-बिलाईगढ़, बलौदाबाजार, सक्ती और रायगढ़ के हजारों लोगों से करोड़ों रुपये ठग लिए थे। ठगी की कमाई से उसने आलीशान मकान, लग्जरी कारें और अन्य संपत्तियां खरीदी थीं। शिकायतों पर सरसींवा पुलिस ने उसे और उसके साथियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा और ठगी से अर्जित संपत्तियों व वाहनों को जब्त कर बैंक खातों को होल्ड किया गया।
उच्च न्यायालय से जमानत मिलने के बाद शिवा साहू और उसके साथी बाहर आए। उम्मीद की जा रही थी कि कानून का डर उन्हें सुधारेगा, लेकिन इसके विपरीत उन्होंने और भी खतरनाक तरीका अपनाया। पुलिस के अनुसार, शिवा ने सरसींवा थाने के नाम से फर्जी लेटरपैड और सील (Fake Police Letterhead & Seal) तैयार कर बैंक को यह दिखाया कि होल्ड खातों की निकासी की अनुमति दी गई है।
31 लाख रुपये की ठगी
कुल 31 लाख रुपये की यह निकासी एचडीएफसी बैंक से की गई। यह पूरी वारदात सुनियोजित ठगी, सरकारी दस्तावेजों की कूट रचना और न्यायिक प्रक्रिया में धोखाधड़ी का मामला है। फर्जीवाड़े का पता चलते ही सरसींवा पुलिस ने तेजी दिखाई। डिगम जोल्हे, ऋतु साहू और चंद्रहास साहू को न्यायिक हिरासत में भेजा गया, जबकि मुख्य सूत्रधार शिवा साहू अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में छापेमारी कर रही है और जल्द गिरफ्तारी का दावा कर रही है।
सूत्रों के अनुसार, जमानत मिलते ही शिवा ने अपने साथियों व रिश्तेदारों के नाम पर फिर लग्जरी मकान, कार और ट्रैक्टर खरीदे। इससे स्पष्ट है कि ठगी की कमाई को वह सुरक्षित ठिकाने पर लगा रहा है। जानकारों का मानना है कि फर्जी दस्तावेज और जमानत शर्तों के उल्लंघन के प्रमाण मिलने पर शिवा साहू की जमानत रद्द हो सकती है। रायकोना का यह महाठग अब सिर्फ ठग नहीं, बल्कि कानून, प्रशासन और न्याय व्यवस्था को चुनौती देने वाला अपराधी (Shiva Sahu Criminal Challenge to Law) बन गया है।


