सीजी भास्कर, 10 जुलाई। बिलासपुर में कांग्रेस अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर एक्टिव हो गई है। जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष विजय केशरवानी ने 11 जुलाई को ‘श्रीराम श्रद्धा पदयात्रा’ निकालने का ऐलान किया है। पदयात्रा को रामभक्तों की आस्था के सम्मान और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग से जोड़ा गया है। (Shri Ram Shraddha Padyatra Bilaspur)
जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रवक्ता ऋषि पांडेय ने बताया कि पदयात्रा 11 जुलाई को दोपहर 3 बजे तिलक नगर हनुमान मंदिर से शुरू होकर मां महामाया मंदिर तक जाएगी। वहीं, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय केशरवानी ने कहा कि अयोध्या में हुई चोरी केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि करोड़ों रामभक्तों की आस्था पर आघात है।
उन्होंने कहा कि श्रीराम मंदिर का निर्माण केवल पत्थरों से नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की श्रद्धा, समर्पण और जनसहभागिता से हुआ है। बिलासपुर जिले के भी बड़ी संख्या में लोगों ने मंदिर निर्माण में अंशदान दिया था, इसलिए इस घटना को लेकर यहां भी भावनात्मक प्रतिक्रिया स्वाभाविक है।
कांग्रेस बोली- राजनीतिक गतिविधि नहीं, श्रद्धा का कार्यक्रम : Shri Ram Shraddha Padyatra Bilaspur
विजय केशरवानी ने कहा कि यह पदयात्रा पूरी तरह श्रद्धा, आस्था और जनभावनाओं को समर्पित होगी। इसका उद्देश्य किसी भी प्रकार की राजनीतिक गतिविधि करना नहीं है।
यह यात्रा किसी राजनीतिक दल के समर्थन या विरोध के लिए नहीं, बल्कि भगवान श्रीराम के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने, करोड़ों रामभक्तों की भावनाओं के साथ एकजुटता दिखाने और अयोध्या में हुई चोरी के दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग के लिए आयोजित की जा रही है।
निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग
उन्होंने शासन और संबंधित जांच एजेंसियों से मांग की कि मामले की त्वरित, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कर दोषियों को कठोरतम सजा दी जाए, ताकि भविष्य में किसी भी धार्मिक स्थल की सुरक्षा, गरिमा और श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ करने का कोई दुस्साहस न कर सके।
संत समाज, व्यापारी और श्रद्धालुओं से शामिल होने की अपील : Shri Ram Shraddha Padyatra Bilaspur
कांग्रेस ने संत समाज, व्यापारियों, युवाओं, महिलाओं और श्रद्धालुओं से बड़ी संख्या में पदयात्रा में शामिल होने की अपील की है। लोगों से कहा गया है कि वे केवल तिलक नगर हनुमान मंदिर से ही नहीं, बल्कि पदयात्रा मार्ग में पड़ने वाले अपने-अपने मोहल्लों, वार्डों और चौक-चौराहों से भी यात्रा में शामिल हों
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह आयोजन पूरी तरह धार्मिक आस्था और जनभावनाओं से प्रेरित है, जबकि राजनीतिक विश्लेषकों की नजर में इसे हिंदुत्व और आस्था के मुद्दे पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराने की कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है।



