सीजी भास्कर, 27 मार्च। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में लापरवाही पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते (Simga Patwari Suspension) हुए एक पटवारी को निलंबित कर दिया है। मामला सिमगा राजस्व अनुभाग का है, जहां पटवारी चंद्रप्रकाश लंबे समय से बिना सूचना मुख्यालय से अनुपस्थित चल रहे थे। उनकी गैरहाजिरी के चलते शासकीय कामकाज प्रभावित हो रहे थे, जिसके बाद एसडीएम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए निलंबन का आदेश जारी किया।
प्रशासनिक जानकारी के अनुसार संबंधित पटवारी 20 फरवरी 2026 से लगातार ड्यूटी से अनुपस्थित थे और इस दौरान उन्होंने किसी प्रकार की सूचना या अनुमति भी नहीं ली। राजस्व से जुड़े कार्यों में देरी और फाइलों के लंबित रहने की स्थिति बनने लगी थी, जिससे आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। लगातार अनुपस्थिति को गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए अधिकारियों ने इसे सेवा नियमों के विरुद्ध पाया।
एसडीएम सिमगा द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1966 के विपरीत है, इसलिए संबंधित पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। प्रशासन ने यह भी तय किया है कि निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय तहसील कार्यालय सिमगा रहेगा, जहां उन्हें निर्धारित नियमों के अनुसार उपस्थित रहना होगा।
निलंबन अवधि में पटवारी को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया (Simga Patwari Suspension) जाएगा। हालांकि प्रशासन ने यह संकेत भी दिया है कि विभागीय स्तर पर आगे की जांच के आधार पर अन्य कार्रवाई भी संभव है। इस पूरे मामले को सरकारी कर्मचारियों की जवाबदेही से जोड़कर देखा जा रहा है, जहां नियमित उपस्थिति और कार्य के प्रति जिम्मेदारी को अनिवार्य माना गया है।
स्थानीय स्तर पर इस कार्रवाई को एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है कि शासकीय कार्यों में लापरवाही या अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से न केवल व्यवस्था में सुधार आएगा, बल्कि अन्य कर्मचारियों के लिए भी यह एक चेतावनी की तरह काम करेगी।


