सीजी भास्कर, 27 दिसंबर। रायपुर जिले की मतदाता सूची में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR Report) के बाद बड़ा बदलाव देखने को मिला है। जिले की सातों विधानसभा सीटों में कुल पाँच लाख से अधिक मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। सबसे बड़ा असर रायपुर ग्रामीण विधानसभा पर पड़ा, जहां एक लाख 34 हजार 252 मतदाता सूची से बाहर हो गए।
प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया विभिन्न कारणों से की गई। इनमें 84,002 मतदाता मृत पाए गए, जबकि 3,87,330 मतदाता स्थायी रूप से दूसरे स्थानों पर शिफ्ट हो चुके थे। सर्वे के दौरान 23,180 मतदाता अपने पते पर नहीं मिले। इसके अलावा 14,311 मतदाताओं के नामों की दोहरी प्रविष्टि और 2,313 नाम तकनीकी कारणों से हटाए गए। अधिकारियों का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया फील्ड सर्वे और दस्तावेजों के सत्यापन के आधार पर की गई है।
रायपुर ग्रामीण में हर तीसरा मतदाता सूची से बाहर
रायपुर ग्रामीण विधानसभा में SIR Report से पहले 3,79,270 मतदाता पंजीकृत थे। संशोधन के बाद यह संख्या घटकर 2,45,018 रह गई है। चुनावी जानकारों के मुताबिक इतनी बड़ी कटौती जिले में पहली बार देखी गई है, और इसका चुनावी असर वृहद रूप में पड़ सकता है।
(SIR Report) शहरी सीटों में भी बड़ा फेरबदल
शहरी विधानसभा सीटों में भी मतदाता सूची में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिला। रायपुर नगर पश्चिम विधानसभा से 1,03,312 मतदाताओं के नाम हटाए गए, रायपुर नगर दक्षिण से 89,240 और रायपुर नगर उत्तर से 74,146 मतदाता बाहर हुए। इन तीनों शहरी सीटों को मिलाकर ढाई लाख से अधिक मतदाता सूची से बाहर हुए हैं, जो शहरी वोट बैंक में महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत हैं।
अन्य विधानसभा क्षेत्रों की स्थिति
धरसीवां विधानसभा क्षेत्र (SIR Report) में 37,632 मतदाता सूची से बाहर हुए। आरंग में 39,702 और अभनपुर में 20,793 मतदाता सूची से हटाए गए। हालांकि शहरी सीटों की तुलना में यह कटौती कम रही, लेकिन चुनावी दृष्टि से इसे भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दावा-आपत्ति के लिए अवसर
चुनाव कार्यालय ने स्पष्ट किया कि फिलहाल जारी की गई सूची अंतिम नहीं है, बल्कि प्रारंभिक सूची है। जिन पात्र मतदाताओं के नाम इस प्रक्रिया में हट गए हैं, उन्हें 23 दिसंबर 2025 से 22 जनवरी 2026 तक दावा-आपत्ति दर्ज कराने का अवसर दिया गया है।
मतदाता जो स्थान बदलकर रह रहे हैं, वे फॉर्म-6 भरकर नए पते पर अपना नाम दर्ज करवा सकते हैं। वहीं गलत तरीके से हटाए गए नामों को दोबारा शामिल कराने की प्रक्रिया भी इसी अवधि में पूरी की जाएगी।
चुनावी समीकरणों पर असर
विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटने से आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों की रणनीति प्रभावित होगी। अब सभी की नजर दावा-आपत्ति की प्रक्रिया पर टिकी है, जिससे यह स्पष्ट होगा कि अंतिम सूची में कितना बदलाव होता है। विशेषज्ञों के मुताबिक रायपुर ग्रामीण सीट में इतनी बड़ी कटौती के कारण मतदाता प्रतिशत में भारी परिवर्तन देखने को मिल सकता है, जो उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों की रणनीति में बदलाव ला सकता है।
प्रशासन की जानकारी और सावधानी
मतदाता सूची में इस बड़े बदलाव के बाद प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे SIR रिपोर्ट (SIR Report) और मतदाता सूची अपडेट से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक चैनलों का ही उपयोग करें। दावा-आपत्ति प्रक्रिया का पालन कर सही समय पर अपने नामों को दर्ज कराना मतदाता का अधिकार है। इस बदलाव से रायपुर जिले की लोकतांत्रिक प्रक्रिया और मतदाता सूची की विश्वसनीयता दोनों में सुधार होने की उम्मीद है।


