सीजी भास्कर, 2 जनवरी। छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच पर स्थापित करने की दिशा में सिरपुर अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में सिरपुर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण द्वारा यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में नामांकन की प्रक्रिया को तेज़ी से आगे बढ़ाया गया है। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के हालिया सिरपुर दौरे से राज्य सरकार का दावा और अधिक मजबूत हुआ है। नए वर्ष में सिरपुर को छत्तीसगढ़ का पहला यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल बनने की प्रबल संभावना जताई जा रही है।
छठी शताब्दी से लेकर मध्यकाल तक बहुधार्मिक और बहुसांस्कृतिक शहरी केंद्र के रूप में विकसित सिरपुर, भारतीय इतिहास में एक अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत करता है। यह स्थल बौद्ध, जैन, शैव और वैष्णव परंपराओं के सहअस्तित्व का जीवंत प्रमाण है। यहां लक्ष्मण मंदिर, आनंद प्रभु कुटी विहार, तिवरदेव विहार, सुरंग टीला, प्राचीन आवासीय परिसर, बाजार और नदी घाटों सहित 125 से अधिक पुरातात्विक स्थल चिन्हित किए गए हैं, जिन्हें भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) और राज्य पुरातत्व विभाग ने संयुक्त रूप से दस्तावेजित किया है।
यूनेस्को टैग के लिए आवश्यक अंतरराष्ट्रीय मानकों संरक्षण, प्रस्तुति और आगंतुक प्रबंधन को पूरा करने के उद्देश्य से ASI और राज्य पर्यटन एजेंसियों ने सिरपुर का विस्तृत तकनीकी निरीक्षण पूरा कर लिया है। नवंबर 2025 तक की प्रगति रिपोर्ट को केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय को सौंपा जा चुका है, जबकि दिसंबर 2025 में अंतिम समीक्षा भी की गई है।
केंद्रीय मंत्री के दौरे से मजबूत हुआ नामांकन दावा
01 जनवरी 2026 को केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल के साथ सिरपुर का दौरा किया। उन्होंने लक्ष्मण देवालय, आनंद प्रभु कुटी विहार, तिवरदेव विहार, सुरंग टीला और हाट बाजार क्षेत्र का निरीक्षण कर मूल संरचनाओं के संरक्षण और बेहतर कनेक्टिविटी पर विशेष जोर दिया।
श्री शेखावत ने कहा कि सिरपुर ऐतिहासिक नगर होने के साथ-साथ छत्तीसगढ़ की प्राचीन राजधानी भी रहा है। यहां की पुरासंपदा को देखना हजार वर्षों की विकास यात्रा को समझने जैसा है। उन्होंने कहा कि यह स्थल देश के 140 केंद्रीय संरक्षित स्मारकों में शामिल है और इसके संरक्षण व पर्यटन विकास के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर कार्य कर रही हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कनेक्टिविटी और बुनियादी पर्यटन सुविधाओं का समुचित विकास किया जाए, तो सिरपुर छत्तीसगढ़ पर्यटन को एक नया आयाम दे सकता है।
मुख्यमंत्री : सिरपुर छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक आत्मा
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सिरपुर छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक आत्मा है और यूनेस्को मान्यता से इसे वैश्विक पहचान मिलेगी। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए हजारों रोजगार के अवसर सृजित होंगे। उनके निर्देश पर सिरपुर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण ने ASI के साथ मिलकर 125 खुदाई स्थलों का मास्टर प्लान तैयार किया है, जिसमें लक्ष्मण मंदिर, आनंद प्रभु कुटी विहार, तिवरदेव विहार, सुरंग टीला और गंधेश्वर मंदिर जैसे प्रमुख स्थल शामिल हैं।
सिरपुर को बनाया जाएगा वैश्विक पर्यटन हब
पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि सिरपुर को अंतरराष्ट्रीय स्तर का पर्यटन केंद्र बनाया जाएगा। यहां बैटरी ई-कार्ट, 3D इंटरप्रिटेशन सेंटर, हेरिटेज शटल, गाइडेड वॉक, होम-स्टे क्लस्टर, डिजिटल साइनेज, चार हेरिटेज सर्किट और स्थानीय गाइड प्रशिक्षण जैसी योजनाएं लागू की जा रही हैं। स्थानीय कारीगरों और युवाओं को लाभ पहुंचाने के लिए हस्तशिल्प बाजार और ईको-फ्रेंडली स्टे पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
सिरपुर : हजार वर्षों की सांस्कृतिक धरोहर
सिरपुर का प्राचीन नाम श्रीपुर/श्रिपुरा है, जो महानदी के तट पर बसी दक्षिण कोसल की राजधानी रहा है। यहां खुदाई में 22 शिव मंदिर, 5 विष्णु मंदिर, 10 बौद्ध विहार और 3 जैन विहार के अवशेष मिले हैं। लक्ष्मण मंदिर (6वीं–7वीं सदी), जिसे रानी वासटादेवी ने राजा हर्षगुप्त की स्मृति में बनवाया, प्रेम और भक्ति का प्रतीक माना जाता है। यह स्थल हिंदू-बौद्ध-जैन परंपराओं का दुर्लभ संगम है, जिसकी तुलना अंगकोरवाट और बोधगया जैसे विश्व धरोहर स्थलों से की जाती है।
यूनेस्को टैग मिलने से सिरपुर को वैश्विक फंडिंग, प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से 10 हजार से अधिक रोजगार और अनुमानित 500 करोड़ रुपये के पर्यटन राजस्व की संभावना है। संयुक्त सांस्कृतिक-प्राकृतिक श्रेणी में भारत के विश्व धरोहर मानचित्र पर छत्तीसगढ़ का प्रवेश सिरपुर से होने जा रहा है।
छत्तीसगढ़ के प्राचीन नगर सिरपुर को यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में तैयार नामांकन को केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के दौरे से मजबूती मिली है। सिरपुर में 125 से अधिक पुरातात्विक स्थल, लक्ष्मण मंदिर, बौद्ध-जैन विहार और बहुधार्मिक विरासत मौजूद है। यूनेस्को टैग से पर्यटन, रोजगार और वैश्विक पहचान को नया आयाम मिलेगा।


