सीजी भास्कर, 28 फरवरी। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में पूर्व उपसचिव रहीं सौम्या चौरसिया (Soumya Chaurasia Conditional Bail) को बड़ी कानूनी राहत मिली है। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने उनकी जमानत याचिका स्वीकार कर ली है। मामला जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की एकल पीठ में सुनवाई के लिए लगा था।
पिछली सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आदेश सुरक्षित रख लिया था। सोमवार को जारी आदेश में हाईकोर्ट ने जमानत (Soumya Chaurasia Conditional Bail) मंजूर कर दी। लंबे समय से न्यायिक हिरासत में रह रहीं चौरसिया के लिए इसे महत्वपूर्ण राहत माना जा रहा है।
ED और एसीबी/ईओडब्ल्यू की कार्रवाई को दी थी चुनौती
सौम्या चौरसिया ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) तथा एसीबी/ईओडब्ल्यू की कार्रवाई को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। उनके अधिवक्ताओं ने तर्क दिया था कि जांच एजेंसियों की कार्रवाई तथ्यों और प्रक्रिया के अनुरूप नहीं है। वहीं एजेंसियों की ओर से मामले की गंभीरता और कथित आर्थिक अनियमितताओं का हवाला दिया गया।
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार (Soumya Chaurasia Conditional Bail) करते हुए जमानत देने का निर्णय सुनाया। हालांकि जमानत की शर्तों का विस्तृत विवरण आदेश की प्रति में स्पष्ट होगा।
क्या है मामला?
शराब घोटाला प्रकरण में राज्य में आबकारी नीति से जुड़ी अनियमितताओं और अवैध वसूली के आरोपों की जांच (Soumya Chaurasia Conditional Bail) चल रही है। इसी सिलसिले में चौरसिया की गिरफ्तारी हुई थी। मामले की जांच एजेंसियों द्वारा जारी है और अन्य आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है।
हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद अब आगे की कानूनी प्रक्रिया और जांच की दिशा पर सभी की नजर रहेगी। फिलहाल, अदालत से मिली जमानत को चौरसिया के लिए अहम राहत माना जा रहा है।






