सीजी भास्कर, 21 मार्च। छत्तीसगढ़ में जमीन या मकान खरीदने वालों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने (Stamp Duty Cess Removed) आई है। राज्य सरकार ने रजिस्ट्री पर लगने वाला 0.60% अतिरिक्त सेस खत्म कर दिया है, जिससे अब प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन पहले से सस्ता हो जाएगा।
विधानसभा में ‘छत्तीसगढ़ उपकर (संशोधन) विधेयक, 2026’ के पारित होने के बाद यह फैसला लागू हो गया है। इससे सीधे तौर पर आम लोगों, किसानों और मध्यमवर्गीय परिवारों को फायदा मिलेगा।
हर साल 460 करोड़ की बचत
सरकार के मुताबिक इस फैसले से जनता पर पड़ने वाला करीब 460 करोड़ रुपये सालाना बोझ (Stamp Duty Cess Removed) कम होगा। यह सेस पहले स्टाम्प शुल्क के साथ लिया जाता था, जिसे अब पूरी तरह खत्म कर दिया गया है।
क्यों हटाया गया सेस?
यह अतिरिक्त शुल्क पूर्व में कुछ योजनाओं के संचालन के लिए लगाया गया था, लेकिन अब-
संबंधित योजनाएं बंद या निष्क्रिय हो चुकी हैं
खर्च सामान्य बजट से पूरा किया जा रहा है
ऐसे में सरकार ने इसे “अनावश्यक बोझ” मानते हुए हटाने का फैसला लिया।
ग्रामीण जमीन खरीदना भी हुआ आसान
सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी राहत दी है-
वर्गमीटर आधारित मूल्यांकन खत्म
फिर से हेक्टेयर आधारित दर लागू
कृषि भूमि पर ढाई गुना मूल्यांकन खत्म
पेड़ों का अलग मूल्यांकन भी हटाया
इन बदलावों से छोटे जमीन मालिकों को 300 से 400 करोड़ रुपये तक का फायदा होने का अनुमान है।
रजिस्ट्री सिस्टम होगा स्मार्ट
वाणिज्यिक कर मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि पंजीयन प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए बड़े (Stamp Duty Cess Removed) बदलाव किए जा रहे हैं-
रजिस्ट्री के साथ ही स्वतः नामांतरण
आधार आधारित सत्यापन अनिवार्य
‘सुगम’ ऐप से लोकेशन ट्रैकिंग
आधुनिक, एसी और वाई-फाई युक्त कार्यालय
सरकार का दावा-आर्थिक गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह फैसला सिर्फ टैक्स में राहत नहीं, बल्कि आम लोगों के सपनों को मजबूती देने वाला कदम है।
उनका मानना है कि इससे –
प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन बढ़ेगा
रियल एस्टेट सेक्टर को गति मिलेगी
राज्य की अर्थव्यवस्था को फायदा होगा


