बजट 2026 की घड़ी अब तेज़ी से आगे बढ़ रही है। वित्त मंत्री के सामने बजट पेश करने के लिए अब सीमित वक्त बचा है और इसी वजह से (Standard Deduction Budget 2026) को लेकर सैलरीड क्लास में चर्चाएं तेज हो गई हैं। इस बार बजट रविवार को पेश होगा और उसी दिन शेयर बाजार खुले रहने से फैसलों का असर तुरंत दिख सकता है।
पिछले बजट ने क्यों बढ़ाईं उम्मीदें
पिछले साल के बजट ने टैक्सपेयर्स को कई मोर्चों पर राहत दी थी। इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव, टीडीएस सीमाओं में संशोधन और नए टैक्स कानून की शुरुआत से मध्यम वर्ग को सीधा फायदा मिला। (Standard Deduction Budget 2026) से पहले लोग यही सवाल पूछ रहे हैं कि क्या इस बार भी स्टैंडर्ड डिडक्शन को लेकर कोई बड़ा ऐलान होगा।
12.75 लाख तक टैक्स-फ्री आय का गणित
बजट 2025 में 12 लाख रुपये तक की आय को टैक्स-फ्री किया गया था। इसके साथ 75,000 रुपये के स्टैंडर्ड डिडक्शन ने कुल टैक्स-फ्री आय को 12.75 लाख रुपये तक पहुंचा दिया। (Income Tax Slab Changes) के चलते सैलरीड लोगों की जेब पर टैक्स का बोझ पहले की तुलना में हल्का हुआ था।
क्या 1 लाख तक जा सकता है डिडक्शन
टैक्स एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस बार इनकम टैक्स स्लैब में बड़े बदलाव की संभावना कम है, लेकिन स्टैंडर्ड डिडक्शन को 75,000 से बढ़ाकर 1 लाख रुपये किया जा सकता है। अगर ऐसा हुआ, तो (Standard Deduction Budget 2026) के तहत 13 लाख रुपये तक की सालाना आय टैक्स-फ्री हो सकती है, जो मिडिल क्लास के लिए बड़ी राहत मानी जाएगी।
पिछली राहतें जो अब भी चर्चा में हैं
पिछले बजट में टीडीएस दरों में कटौती, सीनियर सिटीजन्स की ब्याज आय पर छूट की सीमा बढ़ाना और अपडेटेड आईटीआर दाखिल करने की समय-सीमा चार साल करना जैसे फैसले लिए गए थे। (Taxpayer Expectations Budget 2026) इन्हीं कदमों को आगे बढ़ाने की उम्मीद से जुड़ी हुई हैं।
सिस्टम को और सरल बनाने की चुनौती
इस बार बजट से यह भी उम्मीद की जा रही है कि नया इनकम टैक्स अधिनियम, 2025 ज़मीन पर और बेहतर तरीके से लागू हो। (New Income Tax Law 2025) के साथ अगर स्टैंडर्ड डिडक्शन में बढ़ोतरी होती है, तो टैक्स सिस्टम और ज्यादा सरल और करदाता-अनुकूल बन सकता है।
फैसला जो जेब पर सीधा असर डालेगा
कुल मिलाकर, बजट 2026 में स्टैंडर्ड डिडक्शन पर लिया गया फैसला करोड़ों नौकरीपेशा लोगों की मासिक और सालाना प्लानिंग को प्रभावित करेगा। अब निगाहें वित्त मंत्री के उस ऐलान पर टिकी हैं, जो (Standard Deduction Budget 2026) को सिर्फ एक उम्मीद बनाए रखेगा या हकीकत में बदलेगा।




