सीजी भास्कर 29 दिसम्बर भारत में सैटेलाइट इंटरनेट को लेकर उत्साह काफी समय से बना हुआ है। दूर-दराज़ इलाकों तक तेज़ इंटरनेट पहुंचाने का वादा करने वाली सेवाओं में (Starlink India Launch) सबसे ज़्यादा चर्चा में है। लेकिन सवाल वही—कब? हालिया संकेत बताते हैं कि देरी की वजह तकनीकी कम और नीतिगत ज़्यादा है।
सुरक्षा शर्तें बनीं पहली कसौटी
सैटकॉम सेवाओं के लिए सबसे बड़ी शर्त सुरक्षा से जुड़ी है। सरकार का स्पष्ट रुख है कि अंतरराष्ट्रीय गेटवे, डेटा लोकेशन और निगरानी मानकों पर कोई ढील नहीं दी जाएगी। जब तक कंपनियां इन मानकों को पूरी तरह अपनाने का भरोसा नहीं देतीं, (Satellite Internet India) को हरी झंडी मिलना मुश्किल है।
स्पेक्ट्रम की कीमत—अब भी खुला सवाल
सैटेलाइट इंटरनेट के लिए स्पेक्ट्रम कैसे और कितने में दिया जाए, यह फैसला अभी लंबित है। अस्थायी आवंटन से कंपनियां तैयारी तो कर रही हैं, लेकिन व्यावसायिक शुरुआत के लिए स्थायी दरें तय होना ज़रूरी है। (Satcom Spectrum India) पर यही अनिश्चितता लॉन्च टाइमलाइन को पीछे धकेल रही है।
नियमों की जटिलता में फंसा रोलआउट
सैटकॉम कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि यूज़र डेटा देश के भीतर ही रहे और सुरक्षा एजेंसियों को आवश्यक पहुंच मिले। इन प्रक्रियाओं की जांच और मंज़ूरी में समय लग रहा है। यही वजह है कि (Starlink India Launch) की तारीख बार-बार आगे खिसकती दिख रही है।
प्रस्तावों पर सहमति नहीं, फैसला अटका
स्पेक्ट्रम फीस और प्रति कनेक्शन चार्ज जैसे मुद्दों पर अलग-अलग सुझाव सामने आए, लेकिन अंतिम सहमति नहीं बन सकी। नीति निर्धारण से जुड़ी संस्थाओं के बीच तालमेल के बाद ही अगला कदम तय होगा। जब तक यह स्पष्टता नहीं आती, (Satellite Internet India) की रफ्तार धीमी ही रहेगी।
एलन मस्क की योजना और भारत की प्राथमिकताएं
एलन मस्क की कंपनी भारत में बड़े पैमाने पर सैटेलाइट इंटरनेट पहुंचाने की तैयारी में है, लेकिन स्थानीय नियमों के अनुरूप ढलना अनिवार्य है। सरकार का जोर है कि तकनीक आए, पर राष्ट्रीय हितों से समझौता न हो। इसी संतुलन में (Elon Musk Starlink) का भारतीय सफर अटका हुआ है।
आगे की राह—कब बदलेगा इंतज़ार
संकेत साफ हैं—जैसे ही सुरक्षा मंज़ूरी और स्पेक्ट्रम कीमतों पर अंतिम मुहर लगेगी, सैटेलाइट इंटरनेट का रास्ता खुल सकता है। तब तक उपभोक्ताओं को धैर्य रखना होगा, क्योंकि (Starlink India Launch) का काउंटडाउन अभी औपचारिक रूप से शुरू नहीं हुआ है।






