सीजी भास्कर, 04 फरवरी। छत्तीसगढ़ में नवाचार और उद्यमिता को नई उड़ान देने वाला बड़ा फैसला आज मंत्रिपरिषद से सामने (Startup Incentive Policy) आया है। राज्य सरकार ने “छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025–30” को स्वीकृति दे दी है। इस नीति का लक्ष्य प्रदेश को एक मजबूत, समावेशी और राष्ट्रीय–अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी स्टार्टअप हब के रूप में विकसित करना है।
राज्य मंत्रिपरिषद ने यह नीति मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में मंजूर की। नीति के तहत वर्ष 2030 तक 5,000 से अधिक नए डीपीआईआईटी-पंजीकृत स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने का लक्ष्य तय किया गया है। इससे न केवल युवाओं में उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
150 करोड़ रुपये से ज्यादा का फाइनेंशियल सपोर्ट
नई स्टार्टअप नीति के तहत स्टार्टअप्स को मजबूत करने के लिए कई बड़े वित्तीय प्रावधान किए (Startup Incentive Policy) गए हैं। इसमें 100 करोड़ रुपये का छत्तीसगढ़ स्टार्टअप (कैपिटल) फंड और 50 करोड़ रुपये का क्रेडिट रिस्क फंड शामिल है, जिससे बिना गारंटी ऋण उपलब्ध कराया जा सकेगा। इसके अलावा शुरुआती स्टार्टअप्स को उत्पाद विकास के लिए 10 लाख रुपये तक की सीड फंड सहायता दी जाएगी।
नीति में 50 लाख रुपये तक के ऋण पर 5 वर्षों तक 75 प्रतिशत ब्याज अनुदान, तीन वर्षों तक किराए पर 50 प्रतिशत (अधिकतम 15 हजार रुपये प्रतिमाह) किराया अनुदान, मशीनरी व उपकरण पर 35 प्रतिशत तक पूंजी निवेश अनुदान तथा पेटेंट और गुणवत्ता प्रमाणीकरण पर 10 लाख रुपये तक की प्रतिपूर्ति का प्रावधान भी किया गया है।
विशेष वर्गों के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन
महिला उद्यमियों, अनुसूचित जाति–जनजाति, दिव्यांगजन, सेवानिवृत्त सैनिक, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के युवाओं और पब्लिक वेलफेयर व सर्कुलर इकोनॉमी से जुड़े स्टार्टअप्स के लिए नीति में विशेष प्रोत्साहन रखे गए हैं।
हब-एंड-स्पोक मॉडल पर बनेगा इनक्यूबेशन नेटवर्क
उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने बताया कि राज्य में हब-एंड-स्पोक मॉडल पर आधारित इनक्यूबेशन इकोसिस्टम विकसित किया जाएगा। इसके तहत अत्याधुनिक सुविधाओं वाले मेगा इनक्यूबेटर्स (हब) और जिलों में स्पोक इनक्यूबेटर्स स्थापित किए (Startup Incentive Policy) जाएंगे।
शासकीय इनक्यूबेटर्स को परियोजना लागत का 75 प्रतिशत तक और निजी इनक्यूबेटर्स को 50 प्रतिशत तक (अधिकतम 3 करोड़ रुपये) अनुदान मिलेगा। बस्तर और सरगुजा क्षेत्र में स्थापित इनक्यूबेटर्स को अतिरिक्त 10 प्रतिशत सहायता भी दी जाएगी।
अमृतकाल 2047 की दिशा में कदम
यह नीति “अमृतकाल–छत्तीसगढ़ विज़न 2047” के अनुरूप तैयार की गई है, जिसका उद्देश्य राज्य को नवाचार आधारित उद्यमिता का प्रमुख केंद्र बनाना है। सरकार का मानना है कि इस नीति से छत्तीसगढ़ तकनीक और स्टार्टअप के राष्ट्रीय मानचित्र पर एक मजबूत पहचान बनाएगा।




