सीजी भास्कर, 24 सितंबर। राजधानी रायपुर में आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या को देखते हुए नगर निगम ने बड़ा फैसला लिया है। एमआइसी बैठक में कुत्तों को पकड़ने और बधियाकरण के लिए डॉग स्क्वाड वाहन खरीदे जाने और टीम बढ़ाने हेतु एक करोड़ रुपये का प्रस्ताव पास किया गया।
प्रस्ताव को अब शासन को भेजा जाएगा और अनुमति मिलने के बाद एजेंसी नियुक्त की जाएगी। (Stray Dogs Control Raipur)
नगर निगम अब तक अपनी टीम के जरिए यह काम करता था, लेकिन अब कुत्तों की धरपकड़ और बधियाकरण के लिए प्रोफेशनल एजेंसी की सेवाएं ली जाएंगी।
निगम का यह निर्णय हाल के महीनों में प्रकाशित खबरों और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद लिया गया है।
बैठक में पारित प्रमुख प्रस्ताव
महापौर मीनल चौबे की अध्यक्षता में हुई बैठक में कुल 22 एजेंडे लाए गए, जिनमें से 21 सर्वसम्मति से पास किए गए। इनमें से प्रमुख प्रस्ताव थे:
ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS): 1 नवंबर 2004 से 1 अगस्त 2025 के बीच नियुक्त कर्मचारियों को GPF में शामिल करने का प्रस्ताव।
स्वच्छता सुधार: 15वें वित्त आयोग से 27.45 करोड़ रुपये की लागत से 20 कार्य स्वीकृत, जिनमें तालाबों की सफाई, सार्वजनिक शौचालय मॉनिटरिंग सिस्टम, डस्टबिन खरीद और मच्छर उन्मूलन (Stray Dogs Control Raipur) उपकरण शामिल।
स्वच्छता जागरूकता: इंदौर मॉडल पर रायपुर में जागरूकता गतिविधियां लागू होंगी। इसके तहत 244 डोर-टू-डोर कचरा वाहन और निरीक्षण प्रभारियों की नियुक्ति की जाएगी।
सामाजिक योजनाएं: 102 निराश्रित पेंशन प्रकरण और 24 राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना प्रकरण स्वीकृत।
चिकित्सा प्रतिपूर्ति: कर्मचारियों के लिए 11.35 लाख रुपये स्वीकृत।
मोटर वर्कशॉप: 87 चालक और तकनीकी स्टाफ की व्यवस्था 2.16 करोड़ रुपये की लागत से।
टाउनहॉल बुकिंग: शुल्क 10,000 रुपये प्रतिदिन तय, आयोजकों को सफाई व बिजली की व्यवस्था करनी होगी।
राजस्व प्रस्ताव: नामांतरण शुल्क 800 रुपये, रैली/धरना की अनुमति शुल्क 1,000 रुपये प्रति आयोजन।
सुंदरीकरण कार्य: 2.48 करोड़ रुपये से हीरापुर छुईया तालाब का सुंदरीकरण, अन्य नाला-तालाबों के विकास और सामुदायिक भवन निर्माण कार्य स्वीकृत।
निगम का संदेश
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आवारा कुत्तों की समस्या पर जल्द ही ठोस नियंत्रण होगा। डॉग स्क्वाड (Stray Dogs Control Raipur) की नई टीम और वाहन से अभियान की गति बढ़ेगी।
इसके अलावा सफाई, सुंदरीकरण और कर्मचारियों से जुड़ी कई योजनाओं को भी प्राथमिकता दी जा रही है।




