भिलाई नगर, 28 मार्च। स्मृति नगर चौकी क्षेत्र के हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में हुई पेंटर मोहन रामटेक (42) की संदिग्ध मौत अब एक नए मोड़ पर पहुंच गई है। घटना के बाद बरामद सुसाइड नोट ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।
नोट में मृतक ने अपनी मौत के लिए दो लोगों को जिम्मेदार ठहराया है, जिससे यह मामला अब केवल आत्महत्या नहीं, बल्कि दबाव और साजिश से जुड़ा हुआ नजर आने लगा है। इसे (Suicide Note Case) के रूप में जांचा जा रहा है।
सुसाइड नोट में ‘Blackmailing Case’ का आरोप, एक लाख की मांग का जिक्र
सुसाइड नोट में मोहन रामटेक ने राजू पाल और सोनिया गोस्वामी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
नोट के अनुसार, दोनों उस पर एक लाख रुपये देने का दबाव बना रहे थे और पैसे न देने पर पुलिस केस में फंसाने व जेल भेजने की धमकी दी जा रही थी। मृतक ने यह भी लिखा कि उसे सट्टे के जाल में फंसाकर लगातार मानसिक दबाव बनाया गया। यह पूरा मामला अब (Blackmailing Case) के रूप में सामने आ रहा है।
सट्टा और राजनीतिक रसूख का जिक्र, ‘Crime Investigation’ में जुड़ा नया एंगल
सुसाइड नोट में यह भी उल्लेख किया गया है कि आरोपियों का सट्टे से जुड़ा नेटवर्क है और वे अपने राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर रहे थे।
मृतक ने लिखा कि आरोपी खुद को प्रभावशाली बताते हुए कहते थे कि पुलिस उनके नियंत्रण में है। इस तरह के आरोप सामने आने के बाद मामला अब केवल व्यक्तिगत विवाद नहीं, बल्कि एक बड़े (Crime Investigation) के दायरे में आ गया है।

परिजनों का दावा: चोट के निशान से बढ़ा शक, हत्या की आशंका
घटना के बाद परिजनों ने इस मामले को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। मृतक के भाई का कहना है कि शरीर पर चोट के निशान मिले हैं, जो सामान्य आत्महत्या की स्थिति से मेल नहीं खाते।
परिवार का आरोप है कि घटना के समय घर के लोग अस्पताल में थे और इसी दौरान इस घटना को अंजाम दिया गया हो सकता है। ऐसे में मामला अब संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से आगे बढ़कर हत्या की आशंका तक पहुंच गया है।
पुलिस जांच जारी, ‘Police Investigation’ में सभी एंगल पर नजर
पुलिस का कहना है कि शुरुआती तौर पर मामला फांसी से जुड़ा लग रहा है, लेकिन सुसाइड नोट और शरीर पर मिले निशानों को देखते हुए हर पहलू की गहराई से जांच की जा रही है।
फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से सबूत जुटा लिए हैं और सुसाइड नोट को भी जांच के लिए भेजा गया है। नामजद व्यक्तियों से पूछताछ की तैयारी की जा रही है। फिलहाल यह पूरा मामला (Police Investigation) के तहत संवेदनशील तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है।
नोट में न्याय की मांग, दोषियों को सजा दिलाने की अपील
सुसाइड नोट में मृतक ने पुलिस से अपील की है कि उसकी मौत को नजरअंदाज न किया जाए और जिन लोगों ने उसे इस स्थिति तक पहुंचाया, उन्हें सख्त सजा दी जाए।
नोट के शब्द इस ओर इशारा करते हैं कि वह लंबे समय से मानसिक दबाव और भय में जी रहा था, जो अंततः उसकी मौत का कारण बना।


