सीजी भास्कर, 26 सितंबर। पुलगांव थाना अंतर्गत ग्राम टेमरी में 20 सितंबर को अज्ञात महिला का शव मिला था। पहचान छुपाने के लिए मृतिका के चेहरे को पत्थर से कुचल दिया गया था। पुलिस ने मृतिका की पहचान पोटिया चौक दुर्ग निवासी गंगोत्री उर्फ गंगा जांगडे के रूप में की थी। (Supari Killing Durg)
पुलिस ने बताया कि मृतिका गंगोत्री की हत्या के लिए एक लाख रुपये की सुपारी दी गई थी। मामले में पुलिस ने एक अपचारी बालक सहित छह आरोपितों को गिरफ्तार किया है।
प्रकरण का मुख्य आरोपित फरार है जिसे मृतिका ने कुछ लोगों को नौकरी लगवाने के नाम पर पैसा दिया था और उनसे वह रकम वापस मांग रही थी।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर सुखनंदन राठौर ने बताया कि मृतिका गंगोत्री पोटिया चौक दुर्ग में किराये का मकान लेकर रहती थी।
मृतिका 19 सितंबर की रात करीब 8:45 बजे मकान मालिक को खाना खाने जा रही हूं कहकर घर से निकली थी। विवेचना के दौरान पता चला कि मृतिका दो व्यक्तियों के संपर्क में थी। उन व्यक्तियों को नौकरी लगाने के नाम पर विगत 7-8 माह से गंगोत्री रकम देती थी। जब काफी दिनों तक लोगों की नौकरी नहीं लगी तो गंगोत्री पर दबाव बनना शुरू हो गया।
नौकरी नहीं लगा रहे हो पैसा वापस कर दो
तब गंगोत्री ने आरोपित से कहा कि नौकरी नहीं लगा रहे हो पैसा वापस कर दो, तो आरोपित ने कहा कि सभी को बता दो कि 20 सितंबर को उनका साक्षात्कार हो जाएगा और फिर उसी साज़िश में मिलीभगत से हत्या की योजना बनी (Paid Killer Case Durg)।
बतायी गयी जांच बातों के अनुसार आरोपित ने बताया कि गंगोत्री से रकम मांगने पर वह डर गया और अपने साथी निर्भय जांगड़े निवासी जालबांधा को गंगोत्री की हत्या के लिये एक लाख की रकम देकर तैयार किया।
रकम निर्भय के छग राज्य ग्रामीण बैंक शाखा कातुलबोर्ड के खाते में ट्रांसफर की गई।
गंगोत्री की हत्या की योजना में हेमलता बंजारे भी शामिल हुई और तीनों ने वीडियोकॉल कॉन्फ्रेंस में बैठकर हत्या की योजना बनाई। आरोपित ने कई बार हेमलता के खाते में बड़ी रकम ट्रांसफर की थी।
पुलिस ने जिन आरोपितों को गिरफ्तार किया है उनमें निर्भय (19) जालबांधा, मनीष बंजारे (19) आशा नगर, जयदीप साहू (19) कातुल बोर्ड, पवन कुमार (18) कातुल बोर्ड, हेमलता बंजारे (38) कातुल बोर्ड एवं विधि से संघर्षरत अपचारी बालक शामिल हैं। मामले के मुख्य आरोपित की गिरफ्तारी के लिए पुलिस संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
ढाबा चलने के लिये राजी किया (Paid Killer Case Durg)
योजना के मुताबिक आरोपित ने गंगोत्री को रात नौ बजे खाना खाने ढाबा चलने के लिये राजी किया। निर्भय और एक अन्य आरोपित गंगोत्री को बाइक में ले गये। टेमरी ले जाकर निर्भय ने अपना बेल्ट निकाला और एक आरोपित ने गंगोत्री को पटक दिया तथा बेल्ट तथा चुनरी से गंगोत्री का गला घोंटकर हत्या कर दी।
बाइक से बाफना टोल प्लाजा आए
मृतिका की पहचान छुपाने के लिये उसके चेहरे को पत्थर से पटक कर विकृत कर दिया गया। मृतिका का जेवर एक आरोपित ने निकाल लिया। मृतिका का मोबाइल निर्भय ने रख लिया और दोनों आरोपित बाइक से बाफना टोल प्लाजा आए। ढाबा में खाना खाये फिर कातुल बोर्ड आ गये। जेवर आर्टिफिशियल होने पर पर्स सहित फेंक दिया गया। एक आरोपित ने अपनी बाइक हीरो एच एफ डीलक्स सीजी 07 डी वाय 4975 अपने जयदीप एवं अपचारी बालक को छुपाने के लिये दे दी।
मित्र विधि से संघर्षरत बालक व जयदीप को घटना बताकर छुपा दिया गया—यह पूरी साजिश और अंजाम (Contract Killing Durg) के सबूत पुलिस के हाथ लगे हैं।पुलिस ने मामला दर्ज कर विस्तृत पूछताछ शुरू कर दी है और बैंक ट्रांज़ैक्शन, मोबाइल कॉल डिटेल्स व वीडियोकॉल रिकॉर्ड की तलाशी ली जा रही है।
जल्द ही फरार मुख्य आरोपित की गिरफ्तारी के लिये और छापे किये जायेंगे तथा गिरफ्तारी के बाद मामलों का पूरा खुलासा होने की संभावना बतायी जा रही है।





