सीजी भास्कर, 15 जनवरी। दुर्ग (वीएनएस)। सुपेला थाना क्षेत्र में वर्ष 2022 में करंट लगने से एक युवक की मौत के मामले में आखिरकार तीन साल बाद पुलिस ने कार्रवाई (Supela Police Action) करते हुए दुकान संचालक के खिलाफ लापरवाही से मौत का अपराध दर्ज कर लिया है। पुलिस जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के युवक से बिजली का काम कराया जा रहा था, जिसके चलते यह हादसा हुआ और युवक की जान चली गई।
पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान शाबिर अहमद (22 वर्ष), पिता नासिर अहमद, निवासी इस्लाम नगर, सुपेला के रूप में हुई थी। 10 दिसंबर 2022 को शाबिर अहमद सुपेला मस्जिद (नूर) के पीछे स्थित जुबैर कुरैशी की दुकान में इलेक्ट्रिक से जुड़ा काम कर (Supela Police Action) रहा था। इसी दौरान अचानक करंट की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से झुलस गया। घटना के तुरंत बाद उसे शंकराचार्य अस्पताल, जुनवानी में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान दोपहर 1:48 बजे उसकी मौत हो गई।
घटना की सूचना पर सुपेला थाना पुलिस ने मर्ग क्रमांक 110/2022 धारा 174 दंड प्रक्रिया संहिता के तहत जांच शुरू की थी। पंचनामा और पोस्टमार्टम के बाद डॉक्टरों ने मृत्यु का कारण कार्डियो-रेस्पिरेटरी अरेस्ट बताया, जबकि संभावित कारण इलेक्ट्रिक शॉक को माना गया। इसके बाद मामले की विस्तृत जांच की गई, जिसमें मृतक के परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए गए।
जांच के दौरान सामने आया कि दुकान संचालक जुबैर कुरैशी ने शाबिर अहमद से बिना दस्ताने, गमबूट, हेलमेट और अन्य जरूरी सुरक्षा उपकरणों के ही बिजली का काम कराया था। सुरक्षा मानकों की अनदेखी को ही युवक की मौत का मुख्य कारण माना (Supela Police Action) गया है। इन तथ्यों के आधार पर पुलिस ने अब दुकान संचालक के खिलाफ लापरवाही से मौत का मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
पुलिस का कहना है कि इस मामले में सभी साक्ष्यों का परीक्षण कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। तीन साल बाद हुई इस कार्रवाई से पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद जगी है, वहीं यह मामला कार्यस्थलों पर सुरक्षा नियमों की अनदेखी के गंभीर परिणामों की ओर भी इशारा करता है।


