सीजी भास्कर, 25 मार्च। छत्तीसगढ़ में लंबे समय से अटकी CGPSC 2021 भर्ती प्रक्रिया को लेकर अब बड़ा न्यायिक फैसला सामने (Supreme Court CGPSC Verdict) आया है। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की विशेष अनुमति याचिका (SLP) को खारिज करते हुए हाईकोर्ट के आदेश को बरकरार रखा है। इसके साथ ही चयनित अभ्यर्थियों को ज्वाइनिंग देने का रास्ता साफ हो गया है।
दरअसल, राज्य सरकार ने डिप्टी कलेक्टर और डीएसपी समेत विभिन्न पदों पर चयनित उम्मीदवारों को ज्वाइनिंग देने के हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सरकार का तर्क था कि भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर CBI जांच जारी है, ऐसे में नियुक्तियों को फिलहाल रोका जाना चाहिए।
हालांकि, सुनवाई के दौरान चयनित अभ्यर्थियों की ओर से यह दलील दी गई कि CBI अपनी अंतिम चार्जशीट दाखिल कर चुकी है और 171 चयनित अभ्यर्थियों में से केवल कुछ नाम ही जांच के दायरे में हैं। साथ ही, 125 अभ्यर्थियों को पहले ही ज्वाइनिंग दी जा चुकी है, ऐसे में बाकी उम्मीदवारों को लंबे समय तक रोके रखना न्यायसंगत नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट ने इन तर्कों को स्वीकार करते हुए राज्य सरकार की याचिका खारिज (Supreme Court CGPSC Verdict) कर दी और हाईकोर्ट के पूर्व आदेश को सही ठहराया। इससे पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की सिंगल बेंच और बाद में डिवीजन बेंच भी सरकार की अपील को खारिज कर चुकी थी।
क्या है पूरा मामला?
CGPSC ने वर्ष 2021 में 171 पदों के लिए भर्ती परीक्षा आयोजित की थी। प्री, मेंस और इंटरव्यू के बाद मई 2023 में चयन सूची जारी की गई। लेकिन इसके बाद भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी और पक्षपात के आरोप लगे, जिसके चलते मामला जांच के लिए CBI को सौंपा गया।
जांच के दौरान कई अहम खुलासे हुए और अब तक 12 आरोपियों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है, जिनमें आयोग के पूर्व अधिकारी और चयनित अभ्यर्थी शामिल हैं। इसी कारण सरकार ने नियुक्तियों पर रोक लगा दी थी।
अब आगे क्या?
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब राज्य सरकार के पास चयनित अभ्यर्थियों को ज्वाइनिंग देने के अलावा कोई विकल्प (Supreme Court CGPSC Verdict) नहीं बचा है। हालांकि, यह नियुक्तियां CBI जांच के अंतिम निष्कर्ष के अधीन रहेंगी।
यह फैसला उन सैकड़ों अभ्यर्थियों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है, जो पिछले तीन वर्षों से अपनी नियुक्ति का इंतजार कर रहे थे। वहीं, यह मामला अब भी इस बात की याद दिलाता है कि भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता कितनी जरूरी है।


