सीजी भास्कर, 30 अगस्त : मध्य प्रदेश के खुराई के विधायक भूपेंद्र सिंह के भतीजे की पत्थर तोड़ने वाली इकाई में हाई-टेंशन तार की चपेट में आने से स्थायी रूप से विकलांग हुए बच्चे के स्वजनों की याचिका पर (Supreme Court Petition) सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट ने सहमति जता दी है। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने मध्य प्रदेश सरकार और अन्य को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर जवाब देने को कहा है।
याचिकाकर्ता ने यह भी मांग की है कि मध्य प्रदेश के खुराई गांव में चल रही कथित अवैध खनन गतिविधियों को तुरंत रोका जाए क्योंकि इससे सार्वजनिक सुरक्षा को गंभीर खतरा है। दो याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ वकील कोलिन गोंसाल्वेस ने दलील दी कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग पहले ही कई निर्देश पारित कर चुका है। इनमें पीड़ित को अंतरिम राहत देने, उचित उपचार सुनिश्चित करने और भूपेंद्र सिंह तथा लखन सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने संबंधी कार्रवाई करने की बात शामिल थी।
याचिका में यह आरोप भी लगाया गया है कि खुराई के विधायक भूपेंद्र सिंह के भतीजे लखन सिंह एक पत्थर तोड़ने वाली इकाई के मालिक हैं। जब बच्चा अपनी गेंद लेने के लिए खुराई में खेल मैदान के पीछे अवैध रूप से फेंके गए पत्थरों के ढेर पर चढ़ा, तभी हाई-टेंशन तारों (Supreme Court Petition) की चपेट में आ गया। आरोप है कि पत्थरों का यह अवैध ढेर लखन सिंह द्वारा ही रखा गया था। हादसे में बच्चा 70 प्रतिशत विकलांग हो गया और उसका एक हाथ काटना पड़ा।
याचिका में बच्चे को चिकित्सा सहायता देने के साथ-साथ एक करोड़ रुपये मुआवजे की मांग की गई है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई गई है कि खुराई क्षेत्र में चल रही ऐसी अवैध गतिविधियों को बंद कराने के लिए सख्त आदेश जारी किए जाएं, ताकि भविष्य में किसी और की जान खतरे में न पड़े। इस मामले को लेकर अदालत ने कहा कि (Supreme Court Petition) पर सभी पक्षों को जवाब देना ही होगा।