अत्यावश्यक कानूनी मुद्दों को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने छुट्टियों के बीच विशेष सुनवाई का फैसला लिया है। भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता में गठित दो सदस्यीय विशेष पीठ कल 22 दिसंबर को (Supreme Court Special Session) के तहत बैठेगी। इस पीठ में न्यायमूर्ति जायमाल्य बागची शामिल होंगे।
सुप्रीम कोर्ट 22 दिसंबर से दो जनवरी 2026 तक अवकाश पर रहेगा, लेकिन न्यायिक जिम्मेदारी को प्राथमिकता देते हुए अदालत ने अवकाश के बीच सुनवाई की व्यवस्था की है। सुप्रीम कोर्ट प्रशासन ने कहा कि कई मामलों में तत्कालिक न्यायिक हस्तक्षेप की जरूरत होती है, इसलिए इन्हें लंबित रखना उचित नहीं। इस कारण छुट्टियों के बीच विशेष सत्र का निर्णय लिया गया है, जिसे (Supreme Court Special Session) के रूप में देखा जा रहा है।
शुक्रवार को कोर्ट के अंतिम कार्य दिवस पर कई वकीलों ने तत्काल सुनवाई की आवश्यकता जताई थी। अदालत ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए तुरंत विशेष सत्र बुलाने का निर्देश दिया। इससे हजारों याचिकाकर्ताओं और वकीलों को राहत मिलेगी। सुप्रीम कोर्ट का यह कदम आज की न्यायिक प्रणाली में पारदर्शिता और संवेदनशीलता का उदाहरण माना जा रहा है, जहां अदालत छुट्टियों के दौरान भी गंभीर मुद्दों पर कार्रवाई को तैयार है—यह (Supreme Court Special Session) न्याय व्यवस्था की जवाबदेही और सक्रियता का संकेत है।





