सीजी भास्कर, 05 फरवरी। सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय क्रिकेट प्रशासन से जुड़े एक पुराने मामले में पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर को बड़ी राहत (Supreme Court Verdict) दी है। कोर्ट ने वर्ष 2017 में दिए गए अपने आदेश में संशोधन करते हुए उन पर लगाया गया प्रतिबंध हटा दिया है। इसके साथ ही अनुराग ठाकुर अब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के नियमों के तहत बोर्ड के कामकाज से दोबारा जुड़ सकते हैं।
गौरतलब है कि जनवरी 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने ‘सीज एंड डेसिस्ट’ आदेश जारी करते हुए अनुराग ठाकुर को बीसीसीआई की किसी भी गतिविधि में शामिल होने से रोक दिया था। यह कार्रवाई लोढ़ा समिति की सिफारिशों को लागू न करने के मामले में की गई थी, जिसके चलते उन्हें अध्यक्ष पद से भी हटाया गया था।
अनुराग ठाकुर ने इस आदेश में संशोधन के लिए शीर्ष अदालत में याचिका दायर (Supreme Court Verdict) की थी। उनका तर्क था कि 2017 का आदेश उन्हें सुने बिना पारित किया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने इस दलील को स्वीकार करते हुए पुराने आदेश में बदलाव किया और बैन को समाप्त कर दिया।
अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया है कि अब अनुराग ठाकुर बीसीसीआई के मौजूदा नियमों और विनियमों के अनुसार बोर्ड की बैठकों और अन्य गतिविधियों में हिस्सा ले सकते हैं। इस फैसले से भारतीय क्रिकेट प्रशासन में एक अहम बदलाव माना जा रहा है।
अनुराग ठाकुर वर्ष 2016 में बीसीसीआई अध्यक्ष (Supreme Court Verdict) बने थे। वे हिमाचल प्रदेश से भाजपा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री भी रह चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट के इस ताजा फैसले के बाद उनके लिए क्रिकेट प्रशासन में दोबारा सक्रिय भूमिका निभाने का रास्ता साफ हो गया है।




