सीजी भास्कर, 12 जनवरी। सूरजपुर जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र के पर्री गांव में (Surajpur Rice Mill Fire) की बड़ी घटना सोमवार तड़के सामने आई, जब कोतवाली थाना क्षेत्र के पर्री गांव स्थित दो साल से बंद संदीप एग्रो प्रोडक्ट नामक राइस मिल में अचानक भीषण आग लग गई। तड़के करीब तीन बजे लगी इस आग ने देखते ही देखते राइस मिल के शेड और गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया। गोदाम में रखे करीब ढाई लाख बारदाना आग की भेंट चढ़ गए। इस हादसे में राइस मिल संचालक ने 60 से 70 लाख रुपये के नुकसान का दावा किया है।
बताया गया कि पर्री गांव स्थित संदीप एग्रो प्रोडक्ट राइस मिल बीते दो वर्षों से बंद थी, लेकिन इसके विशाल शेड और गोदाम का उपयोग बारदाना भंडारण के लिए किया जा रहा था। संचालक के अनुसार गोदाम में बड़ी मात्रा में बारदाना रखा हुआ था। सोमवार तड़के अचानक आग लगने की सूचना मिलते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग की ऊंची-ऊंची लपटें दूर से ही दिखाई देने लगीं, जिससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई।
संदीप एग्रो प्रोडक्ट नामक राइस मिल में अचानक भीषण आग लगने की (Surajpur Rice Mill Fire) सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया गया। हालात की गंभीरता को देखते हुए एसईसीएल, सूरजपुर, सरगुजा और कोरिया जिले से आधा दर्जन से अधिक दमकल वाहन मौके पर बुलाए गए। दमकल कर्मियों द्वारा लगातार पानी और फोम का छिड़काव किया जा रहा है, लेकिन गोदाम में वेंटिलेशन की कमी के कारण आग पर नियंत्रण में भारी परेशानी हो रही है।
आग बुझाने के लिए प्रशासन ने एक्सीवेटर मशीन की मदद से गोदाम की दीवार तोड़ने का फैसला किया, ताकि अंदर तक पानी और धुआं बाहर निकल सके। इसके बावजूद करीब 14 घंटे की मशक्कत के बाद भी समाचार लिखे जाने तक आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका था। दमकलकर्मी युद्धस्तर पर आग बुझाने में जुटे हुए हैं।
घटना की जानकारी मिलते ही एसडीएम शिवानी जायसवाल सहित प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस बल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने राहत एवं बचाव कार्यों का निरीक्षण किया और दमकल कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पुलिस ने क्षेत्र को घेराबंदी कर सुरक्षित किया, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।
राइस मिल संचालक का कहना है कि गोदाम का बिजली कनेक्शन पहले ही कटवा दिया गया था, जिससे शॉर्ट सर्किट की संभावना नहीं थी। ऐसे में Surajpur Rice Mill Fire को लेकर कई तरह की चर्चाएं सामने आ रही हैं। आग लगने के वास्तविक कारणों का अब तक खुलासा नहीं हो सका है।
गौरतलब है कि इसी राइस मिल संचालक के नयनपुर स्थित मित्तल कोल्ड स्टोरेज में हाल ही में पार्टीशन दीवार गिरने से तीन मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि एक मजदूर गंभीर रूप से घायल हुआ था। लगातार हो रही घटनाओं के चलते संचालक से जुड़े प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। फिलहाल प्रशासन और दमकल विभाग द्वारा आग पर पूरी तरह काबू पाने के प्रयास जारी हैं। Surajpur Rice Mill Fire की इस घटना ने जिले में सुरक्षा और अग्नि नियंत्रण व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर चिंता खड़ी कर दी है।



