(Surajpur Theft Case) में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। सूरजपुर जिले में कई दिनों से राशन दुकानों में हो रही चोरी के मामले ने लोगों को परेशान कर रखा था। आखिरकार गुरुवार रात गश्त के दौरान पुलिस ने सात आरोपियों को दबोच लिया। ये लोग चोरी का माल एक व्यापारी को बेचते थे, जिससे पुलिस ने अब पूछताछ शुरू कर दी है।
दिन में रेकी, रात में वारदात
आरोपियों का तरीका बेहद संगठित था। (Surajpur Theft Case) के दौरान सामने आया कि गिरोह के सदस्य दिन में दुकानों की रेकी करते और रात में चोरी को अंजाम देते। चावल, चीनी और अन्य खाद्य सामग्री की बोरी बदलकर वे किसी को शक नहीं होने देते थे। हाईवे का रास्ता पकड़कर ये लोग आराम से जिले से बाहर निकल जाते थे।
पुलिस की सक्रियता से टूटा नेटवर्क
एसएसपी प्रशांत ठाकुर ने बताया कि लगातार हो रही वारदातों को देखते हुए पुलिस टीम अलर्ट थी। संदिग्ध गतिविधि की सूचना पर कार्रवाई हुई। गाड़ी छोड़कर भागने वाले आरोपियों को सुरागों के आधार पर पकड़ा गया। (Surajpur Theft Case) ने यह साबित कर दिया कि यह कोई सामान्य चोरी नहीं बल्कि एक संगठित नेटवर्क है।
स्थानीय मदद से होता था खेल
पूछताछ में सामने आया है कि इस गिरोह की मदद स्थानीय लोगों से भी मिलती थी। बदले में उन्हें पैसा दिया जाता था। चोरी का माल सुरक्षित रूप से दूसरी जगह पहुँचाने में यह स्थानीय सहयोगी अहम भूमिका निभाते थे। पुलिस अब इनकी भी तलाश में जुटी है।
कई जिलों में फैला था गैंग
(Surajpur Theft Case) की जांच से खुलासा हुआ कि आरोपी केवल सूरजपुर तक सीमित नहीं थे। प्रदेश के कई जिलों में राशन दुकानों पर इसी तरह की चोरी की घटनाओं को उन्होंने अंजाम दिया है। हर बार जगह बदलने से किसी को शक न हो, यही इनकी रणनीति रही।
बाकी आरोपियों की तलाश जारी
गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने बाकी सदस्यों की तलाश शुरू कर दी है। एसएसपी का कहना है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और जल्द ही सभी सदस्यों को पकड़ लिया जाएगा।





