सीजी भास्कर, 09 मई। पश्चिम बंगाल में नई सरकार बनने के साथ ही अब लोगों की नजर नए मुख्यमंत्री की सादगी भरी जीवनशैली पर टिक गई है। राजनीतिक गलियारों में जहां सत्ता परिवर्तन की चर्चा हो रही है, वहीं दूसरी तरफ शुभेंदु अधिकारी की घोषित संपत्ति भी लोगों के बीच बड़ा विषय बनी हुई है।
शपथ ग्रहण से पहले सामने आए हलफनामे ने कई लोगों को हैरान कर दिया। आमतौर पर बड़े नेताओं की करोड़ों की संपत्ति की खबरें सामने आती हैं, लेकिन यहां मामला बिल्कुल अलग दिखाई दिया। चर्चा इस बात की हो रही है कि राज्य का नया मुख्यमंत्री बनने जा रहा नेता न तो अपनी कार रखता है और न ही सोने में कोई बड़ा निवेश।
नकदी में सिर्फ 12 हजार रुपए : Suvendu Adhikari Net Worth
चुनावी हलफनामे के अनुसार शुभेंदु अधिकारी के पास केवल 12 हजार रुपए नकद मौजूद हैं। उनकी कुल घोषित संपत्ति लगभग 85 लाख 87 हजार रुपए बताई गई है। इसमें करीब 24 लाख 57 हजार रुपए की चल संपत्ति और लगभग 61 लाख 30 हजार रुपए की अचल संपत्ति शामिल है।
कई बैंकों में खाते और बचत योजनाओं में निवेश
दस्तावेजों के मुताबिक उनके कुल 14 बैंक खाते हैं। इनमें राष्ट्रीयकृत बैंकों के साथ कुछ सहकारी बैंक भी शामिल बताए गए हैं। इन खातों में करीब 7 लाख 34 हजार रुपए जमा होने की जानकारी दी गई है। इसके अलावा उन्होंने राष्ट्रीय बचत प्रमाण पत्र, किसान विकास पत्र और डाकघर बचत योजनाओं में भी रकम निवेश कर रखी है। कई बीमा योजनाएं भी उनके नाम दर्ज बताई गई हैं।
जमीन और पुश्तैनी संपत्ति भी दर्ज
अचल संपत्ति में पूर्वी मिदनापुर जिले की कृषि भूमि और रिहायशी संपत्तियां (Suvendu Adhikari Net Worth) शामिल हैं। नंदीग्राम इलाके समेत कई स्थानों पर कृषि जमीन का जिक्र हलफनामे में किया गया है। इसके अलावा तमलुक और कुमारपुर क्षेत्र में फ्लैट और पुश्तैनी संपत्ति भी उनके नाम पर दर्ज बताई गई है। इन संपत्तियों की कुल कीमत 61 लाख रुपए से ज्यादा बताई गई है।
किसी भी तरह का कर्ज नहीं
हलफनामे के अनुसार शुभेंदु अधिकारी पर किसी भी प्रकार का बैंक ऋण या सरकारी बकाया नहीं है। वित्त वर्ष 2024 25 में उनकी कुल आय करीब 17 लाख 38 हजार रुपए बताई गई। आय के मुख्य स्रोत विधायक वेतन, सांसद पेंशन और व्यवसाय बताए गए हैं।
चुनाव में किया बड़ा उलटफेर
शुभेंदु अधिकारी ने विधानसभा चुनाव में बड़ा राजनीतिक बदलाव करते हुए ममता बनर्जी को हराया। कभी तृणमूल कांग्रेस के करीबी नेताओं में शामिल रहे शुभेंदु बाद में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए थे। इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने 294 सीटों में से 207 सीटें जीतकर राज्य की राजनीति में नया इतिहास बना दिया।


