सीजी भास्कर, 12 फरवरी। क्रिकेट में रोमांच की परिभाषा अगर बदलनी हो, तो टी20 वर्ल्ड कप का यह मुकाबला उसकी सबसे बड़ी मिसाल (T20 World Cup Thriller) बन गया है। 11 फरवरी को T20 वर्ल्ड कप के 13वें मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका और अफगानिस्तान के बीच ऐसा मैच देखने को मिला, जिसने दर्शकों की सांसें थाम दीं। यह मुकाबला नरेन्द्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम में खेला गया, जहां आखिरी ओवर से लेकर दो सुपर ओवर तक रोमांच चरम पर रहा।
टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में यह पहला मौका रहा, जब किसी मुकाबले का फैसला डबल सुपर ओवर से हुआ। इससे पहले टूर्नामेंट में सुपर ओवर तो देखे गए थे, लेकिन दो-दो सुपर ओवर की नौबत कभी नहीं आई थी।
आखिरी ओवर तक चला संघर्ष
मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए दक्षिण अफ्रीका ने निर्धारित 20 ओवर में 187 रन बनाए। जवाब में अफगानिस्तान की टीम ने रहमानुल्लाह गुरबाज की विस्फोटक पारी के दम पर आखिरी गेंद तक मुकाबला खींच लिया और स्कोर 187 रन तक पहुंचा दिया। इसके साथ ही मुकाबला टाई हो गया और स्टेडियम में मौजूद हजारों दर्शक असली रोमांच के लिए तैयार हो गए।
सुपर ओवर में भी बराबरी
पहले सुपर ओवर में दोनों टीमों ने 17-17 रन बनाए। नतीजा फिर टाई रहा और इतिहास में पहली बार टी20 वर्ल्ड कप का मैच दूसरे सुपर ओवर तक पहुंच (T20 World Cup Thriller) गया। दूसरे सुपर ओवर में दक्षिण अफ्रीका ने दमदार बल्लेबाजी करते हुए 23 रन ठोक दिए। जवाब में अफगानिस्तान की टीम 19 रन ही बना सकी और बेहद करीबी अंतर से मुकाबला हार गई।
टी20 वर्ल्ड कप में सुपर ओवर का इतिहास
टी20 वर्ल्ड कप में सुपर ओवर का पहला मुकाबला 2012 में न्यूजीलैंड और श्रीलंका के बीच खेला गया था, जिसमें श्रीलंका ने जीत दर्ज की थी। उसी टूर्नामेंट में न्यूजीलैंड और वेस्टइंडीज के बीच दूसरा सुपर ओवर हुआ, जहां कैरेबियाई टीम विजेता बनी।
इसके बाद 2024 में नामीबिया बनाम ओमान मुकाबला सुपर ओवर में गया, जबकि उसी वर्ष अमेरिका ने पाकिस्तान को सुपर ओवर में हराकर बड़ा उलटफेर (T20 World Cup Thriller) किया था।
डबल सुपर ओवर ने रचा इतिहास
लेकिन 11 फरवरी 2026 को अफगानिस्तान और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेला गया यह मुकाबला टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में पहला डबल सुपर ओवर मैच बन गया। क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह मुकाबला सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि ऐसा अनुभव बन गया, जिसकी चर्चा सालों तक होती रहेगी।




