सीजी भास्कर, 05 मई : तमिलनाडु (Tamil Nadu Election Results 2026) की राजनीति में सोमवार को वह हुआ जिसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी। सुपरस्टार जोसेफ विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) ने अपने पहले ही चुनाव में राज्य के दोनों बड़े द्रविड़ किलों को ध्वस्त कर दिया है। 234 सीटों वाली विधानसभा में टीवीके 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। इस तमिलनाडु चुनाव परिणाम (Tamil Nadu Election Results 2026) ने डीएमके और एआईएडीएमके के दशकों पुराने वर्चस्व को खत्म कर दिया है, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा तिरुप्पत्तूर सीट की हो रही है, जहां जीत-हार का फैसला महज 1 वोट से हुआ है।
DMK मंत्री की 1 वोट से शर्मनाक हार
तिरुप्पत्तूर विधानसभा सीट पर जो हुआ, उसने लोकतंत्र में एक-एक वोट की कीमत समझा दी है। यहां डीएमके के दिग्गज नेता और सहकारिता मंत्री के.आर. पेरियाकरुप्पन को टीवीके के उम्मीदवार सीनिवास सेतुपति आर. ने मात्र 1 वोट के अंतर से हरा दिया। मतगणना के अंतिम दौर तक पेरियाकरुप्पन आगे चल रहे थे, लेकिन जब आखिरी नतीजे आए तो पूरा पंडाल सन्न रह गया। इस तमिलनाडु चुनाव परिणाम (Tamil Nadu Election Results 2026) के सबसे करीबी मुकाबले में सेतुपति को 83,375 वोट मिले, जबकि डीएमके मंत्री 83,374 वोटों पर ही सिमट गए।
सुपरस्टार विजय का डबल धमाका
खुद टीवीके चीफ विजय ने इस चुनाव में फ्रंट फुट पर आकर लीडरशिप दिखाई। उन्होंने पेरम्बूर और ईस्ट त्रिची, दोनों ही सीटों पर भारी मतों से जीत दर्ज की है। विजय की इस आंधी में डीएमके के कई कद्दावर मंत्री और खुद मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन (कोलाथुर सीट से) भी अपनी सीटें नहीं बचा सके। इस ऐतिहासिक तमिलनाडु चुनाव परिणाम (Tamil Nadu Election Results 2026) के बाद चेन्नई से लेकर कन्याकुमारी तक टीवीके समर्थकों का जश्न थमता नजर नहीं आ रहा है। 108 सीटें जीतकर विजय ने यह साबित कर दिया है कि राज्य की जनता अब बदलाव के लिए तैयार थी।
द्रविड़ राजनीति का अंत या नई शुरुआत
चुनाव नतीजों में डीएमके 59 सीटों के साथ दूसरे और एआईएडीएमके 47 सीटों के साथ तीसरे स्थान पर खिसक गई है। भाजपा जहां केवल 1 सीट पर सिमट गई, वहीं कांग्रेस को 5 और पीएमके को 4 सीटें मिली हैं। 118 के बहुमत के आंकड़े से थोड़ी दूर होने के बावजूद टीवीके सबसे बड़ी शक्ति बनकर उभरी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ‘थलापति’ विजय ने जिस तरह से जमीनी स्तर पर युवाओं और ‘जेन-जी’ वोटर्स को जोड़ा, उसी का नतीजा है कि आज राज्य में एक नई राजनीतिक ताकत का उदय हुआ है।


