सीजी भास्कर, 29 अगस्त : देश भर में नई पीढ़ी को तैयार करने वाले तथा जीवन मूल्यों को बोने वाले स्कूली शिक्षकों की संख्या शैक्षणिक वर्ष 2024-25 में पहली बार एक करोड़ को पार कर गई है। यह मामला (Teacher Count Milestone) केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इंफोर्मेशन सिस्टम फार एजुकेशन (यूडीआइएसई) प्लस की रिपोर्ट में उजागर हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, किसी भी शैक्षणिक वर्ष में पहली बार शिक्षकों की संख्या में यह वृद्धि छात्र-शिक्षक अनुपात में सुधार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने और शिक्षकों की उपलब्धता में क्षेत्रीय असमानताओं को दूर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 2022-23 के मुकाबले वर्तमान शैक्षणिक वर्ष में शिक्षकों की संख्या में 6.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। 2024-25 के दौरान स्कूलों में छात्रों के बने रहने की दर, यानी रिटेंशन रेट और सकल नामांकन अनुपात में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
क्या है यूडीआइएसई प्लस
यूडीआइएसई प्लस एक डाटा संग्रहण प्लेटफार्म है जिसे शिक्षा मंत्रालय संचालित करता है। यह देशभर के स्कूल शिक्षा संबंधी आंकड़े एकत्रित करने और उनका विश्लेषण करने में मदद करता है।
छात्र-शिक्षक अनुपात में सुधार
आंकड़ों के मुताबिक, विभिन्न शैक्षणिक स्तरों पर छात्र-शिक्षक अनुपात में भी सुधार देखने को मिला है। यह मामला (Teacher Count Milestone) राष्ट्रीय शिक्षा नीति द्वारा सुझाए गए 1:30 के मानक की तुलना में उल्लेखनीय रूप से बेहतर है। रिपोर्ट में कहा गया है, “बेहतर अनुपात शिक्षकों और छात्रों के बीच अधिक व्यक्तिगत ध्यान और मजबूत बातचीत को बढ़ावा देता है, जिससे बेहतर शिक्षण अनुभव और बेहतर शैक्षणिक परिणाम प्राप्त होते हैं।”
आधारभूत स्तर : 1:10
प्रारंभिक स्तर : 1:13
मध्यम स्तर : 1:17
माध्यमिक स्तर : 1:21
स्कूल छोड़ने की दर में कमी आई
साल 2024-25 में ड्रापआउट दर में उल्लेखनीय कमी देखी गई है। रिपोर्ट में कहा गया, “यह गिरावट छात्रों के स्कूल में बने रहने में सुधार और बच्चों को शिक्षा में जुड़े रखने के लिए उठाए गए कदमों की सफलता को दर्शाती है। सभी स्तरों पर लगातार गिरावट यह दर्शाती है कि स्कूल अब छात्रों की जरूरतों के प्रति अधिक संवेदनशील और सहायक बन रहे हैं।”
स्तर पिछला वर्ष मौजूदा वर्ष
प्रारंभिक 3.7% 2.3%
मध्य 5.2% 3.5%
माध्यमिक 10.9% 8.2%
छात्रों के स्कूल में बने रहने की दर में सुधार
2024-25 के दौरान स्कूलों में छात्रों के बने रहने की दर, यानी रिटेंशन रेट में महत्वपूर्ण सुधार आया है। रिपोर्ट के अनुसार, “माध्यमिक स्तर पर विशेष रूप से छात्रों की रिटेंशन दर में सुधार का एक प्रमुख कारण अधिक स्कूलों में माध्यमिक शिक्षा की उपलब्धता है। इससे पहुंच बढ़ी और निरंतर नामांकन को प्रोत्साहन मिला। यह मामला (Teacher Count Milestone) शिक्षा प्रणाली में प्रगति का स्पष्ट संकेत है।”
आधारभूत स्तर : 98.0% से बढ़कर 98.9%
प्रारंभिक स्तर : 85.4% से बढ़कर 92.4%
मध्यम स्तर : 78.0% से बढ़कर 82.8%
माध्यमिक स्तर : 45.6% से बढ़कर 47.2%
शून्य नामांकन वाले स्कूलों की संख्या घटी
यूडीआइएसई प्लस ने शून्य नामांकन वाले स्कूलों और एकल शिक्षक वाले स्कूलों की विशेषताओं की भी रिपोर्ट दी है। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष एकल शिक्षक वाले स्कूलों की संख्या में लगभग छह प्रतिशत की कमी आई है। इसी प्रकार, शून्य नामांकन वाले स्कूलों की संख्या में लगभग 38 प्रतिशत की भारी गिरावट देखी गई है।