सीजी भास्कर, 16 सितंबर। राजस्थान के बारां जिले में एक शिक्षक दंपती 25 वर्ष से बिना स्कूल गए ही वेतन ले रहा था जिसका अब (Teacher Scam) राजफाश हुआ है। राजफाश होने के बाद सरकार अब इस शिक्षक दंपती से कुल नौ करोड़ 31 लाख 50 हजार 373 रुपये की वसूली करने की तैयारी कर रही है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के निर्देश पर विभाग ने दंपती को अंतिम सार्वजनिक नोटिस दिया है। नोटिस के बावजूद वे अगर उपस्थित नहीं होते हैं तो उनकी संपति नीलाम करने की कार्रवाई हो सकती है। बारां शिक्षा अधिकारी सीताराम गोयल के अनुसार दंपती को तलाशा जा रहा है। उनसे पैसे की वसूली होगी।
जानकारी के अनुसार दंपती विष्णु गर्ग और उनकी पत्नी मंजू गर्ग पिछले 25 साल से बारां के राजपुरा प्राथमिक स्कूल में तैनात हैं। दंपती पिछले 20 साल से खुद के स्थान पर तीन (Dummy Teachers) स्कूल में पढ़ाने के लिए भेज रहे हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारियों से मिलीभगत करके दंपती ने खुद के स्थान पर 15-15 हजार रुपये में तीन डमी शिक्षक रखे थे। ये तीनों शिक्षक दंपती के स्थान पर स्कूल में पढ़ा रहे थे। तीनों बेरोजगार थे, इसलिए डमी शिक्षक के रूप में पढ़ाने को तैयार हो गए। जिला शिक्षा अधिकारी की शिकायत पर बारां सदर पुलिस थाने में दंपती और तीनों शिक्षकों के खिलाफ पिछले साल मामला दर्ज हुआ था। पुलिस में मामला दर्ज होते ही दंपती फरार हो गए, पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
एक साल में शिक्षा विभाग ने दंपती के घर कई नोटिस भेजे, लेकिन वे नहीं मिले। जानकारी के अनुसार पति-पत्नी को वेतन के रूप में डेढ़ लाख रुपये सरकार से पिछले साल के अंत तक मिल रहे थे। बाद में वेतन रोक दिया गया था। शिक्षा विभाग के अनुसार पति विष्णु से चार करोड़ 92 लाख 69 हजार 146 रुपये एवं पत्नी मंजू गर्ग से चार करोड़ 38 लाख 81 हजार 227 रुपये की (Recovery Action) होनी है।





