सीजी भास्कर 14 जनवरी। प्रदेश शिक्षक कल्याण संघ के प्रांतीय प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से उनके निवास में सौजन्य मुलाकात कर 1998–99 एलबी संवर्ग के शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना (OPS) का लाभ देने (Teacher Welfare Association) की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। संघ ने मांग की कि संबंधित शिक्षकों को देय तिथि से सकल लाभ सहित पुरानी पेंशन प्रदान की जाए।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि 1998–99 में नियुक्त एलबी संवर्ग के शिक्षक अब सेवानिवृत्त हो रहे हैं और आगामी दस वर्षों में इस वर्ग के अधिकांश शिक्षक सेवा से मुक्त हो जाएंगे। वर्तमान व्यवस्था के तहत सेवानिवृत्त शिक्षकों को मात्र 2 से 3 लाख रुपये का एकमुश्त लाभ और 2000 से 3000 रुपये प्रतिमाह की पेंशन मिल रही है, जो बढ़ती महंगाई में जीवनयापन के लिए अपर्याप्त है।
संघ ने कहा कि यह वर्ग वर्षों तक शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ रहा है, लेकिन सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक (Teacher Welfare Association) असुरक्षा से जूझ रहा है। कई शिक्षक सम्मानजनक जीवन नहीं जी पा रहे हैं। प्रतिनिधिमंडल ने इस विषय को सामाजिक न्याय और सम्मान से जुड़ा मामला बताते हुए शीघ्र निर्णय की मांग की।
सम्मानजनक पेंशन अधिकार का सवाल
संघ ने स्पष्ट किया कि यह मांग केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि शिक्षकों के सम्मान, आत्मनिर्भरता और सामाजिक सुरक्षा (Teacher Welfare Association) से जुड़ी है। यदि 1998–99 एलबी संवर्ग के शिक्षकों को देय तिथि से सकल लाभ सहित पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिया जाता है, तो इससे हजारों शिक्षक परिवारों को स्थायी राहत मिलेगी और शिक्षा सेवा को सम्मानजनक समापन मिलेगा।
ये वरिष्ठ पदाधिकारी रहे मौजूद
प्रतिनिधिमंडल में प्रांतीय अध्यक्ष राजकिशोर तिवारी, प्रांतीय महासचिव देशनाथ पांडे, प्रांतीय सचिव नवीन चंद्राकर सहित विश्वनाथ प्रधान, यदुवेंद्र प्रताप कुशवाह, तुलसी राम साहू, हितेंद्र बघेल, धनेद्र तिवारी, गुलाब देवांगन, युजवेंद्र कुशवाहा, अनिल ढीढी, खेदुराम चंद्राकर, शिवनारायण तिवारी, पीतांबर बंजारा, अरविंद द्विवेदी, भुनेश्वर साहू, भरत कन्नौजे, भुवन कन्नौजे, डेगमन राजवाड़े सहित प्रदेश व जिलों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।


