सीजी भास्कर, 03 दिसंबर | बिलासपुर के बेलगहना इलाके के जंगलों में Teak Wood Smuggling बड़े पैमाने पर चल रही है। मंगलवार की रात गश्ती टीम को अचानक एक संदिग्ध स्कॉर्पियो दिखाई दी, जिसने पूरे मामले की पोल खोल दी। वाहन को घेरने की कोशिश होते ही ड्राइवर अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल की ओर भागा और स्कॉर्पियो झाड़ियों में छोड़कर गायब हो गया।
वनकर्मियों को देखते ही भागा ड्राइवर, झाड़ियों में छिपाई गई स्कॉर्पियो
टीम जब कोटा–बेलगहना मार्ग से आगे बढ़ रही थी, तभी कक्ष क्रमांक 1202/2470 के पास खड़ी स्कॉर्पियो पर नजर पड़ी। गाड़ी में बैठे लोग पेट्रोलिंग टीम को देखते ही हड़बड़ाहट में गाड़ी जंगल की ओर मोड़कर भाग निकले। कुछ दूरी बाद ड्राइवर ने वाहन छोड़कर दौड़ लगा दी।
संदिग्ध गतिविधि को देखते हुए टीम ने तुरंत इलाके को घेराबंदी में लिया।
स्कॉर्पियो की तलाशी: 6 लट्ठे, 1 सिलपट और फिर जंगल से मिला अतिरिक्त माल
वाहन की जांच में जो सामने आया, उसने तस्करी की पुष्टि कर दी। स्कॉर्पियो में 6 नग सागौन लट्ठा और 1 नग सिलपट रखा हुआ मिला। जब टीम जंगल में और अंदर गई तो तीन और बड़े लट्ठे झाड़ियों के बीच छुपाए मिले।
मूल्यांकन के अनुसार जब्त सागौन की कीमत करीब 30 हजार रुपए और स्कॉर्पियो का मूल्य लगभग 2 लाख रुपए बताया गया है।
कुछ दिनों से मिल रही थी सूचना, टीम पहले से अलर्ट थी
वन विभाग को पिछले सप्ताह से ही इन जंगलों में अवैध कटाई और परिवहन की जानकारी मिल रही थी। लगातार इनपुट के बाद अफसरों ने मैदानी टीमों को अधिक सतर्क रहने का निर्देश दिया था। मंगलवार की रात की पेट्रोलिंग उसी अलर्ट के तहत की जा रही थी, जिस दौरान यह पूरा नेटवर्क सामने आया।
तस्करों की पहचान के लिए स्कॉर्पियो का रिकॉर्ड खंगालने की तैयारी
अब वन विभाग स्कॉर्पियो के मालिक और उसके लिंक खोजने में जुटा है। वाहन नंबर के आधार पर परिवहन विभाग से विवरण लिया जा रहा है।
अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही तस्करों की पहचान कर गिरफ्तारी की जाएगी, क्योंकि हाल के दिनों में एक ही प्रकार की लकड़ी—सागौन—की लगातार तस्करी होने से स्पष्ट है कि इस काम में एक व्यवस्थित गिरोह सक्रिय है।
जंगल में लगातार बढ़ रही अवैध कटाई, विभाग सख्त मोड में
बेलगहना और आसपास के सघन वन क्षेत्र लंबे समय से सागौन के लिए कुख्यात रहे हैं। ताजा मामले ने फिर दिखा दिया कि Teak Wood Smuggling को रोकने के लिए और कड़े कदम जरूरी हैं। विभाग ने कहा है कि आने वाले दिनों में रात के समय गश्त बढ़ाई जाएगी और हाई–रिस्क क्षेत्रों में अतिरिक्त टीमें भी तैनात की जाएंगी।





