सीजी भास्कर, 31 मार्च। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से एक बेहद चौंकाने वाला और दुखद मामला सामने (Tech Couple Suicide) आया है, जहां एक टेकी कपल ने एक ही दिन आत्महत्या कर ली। इस घटना ने पूरे आईटी सेक्टर और स्थानीय इलाके में सनसनी फैला दी है। मृतकों की पहचान भानु चंद्र रेड्डी और उनकी पत्नी शाज़िया के रूप में हुई है, जो दोनों सॉफ्टवेयर इंजीनियर थे और प्राइवेट कंपनियों में काम करते थे।
पहले पति ने दी जान, फिर पत्नी ने उठाया खौफनाक कदम
यह घटना कोथानूर पुलिस स्टेशन क्षेत्र की है। पुलिस के अनुसार, पति भानु चंद्र रेड्डी ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जब यह घटना सामने आई और पत्नी को इसकी जानकारी मिली, तो उसने भी कुछ ही समय बाद अपार्टमेंट की 17वीं मंजिल से कूदकर अपनी जान दे दी। दोनों की मौत के तरीके और समय ने इस घटना को और भी ज्यादा गंभीर और रहस्यमय बना दिया है। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की हर एंगल से जांच कर रही है।
लिव-इन से शादी तक… 9 साल का रिश्ता खत्म
जानकारी के मुताबिक, यह कपल पहले लिव-इन रिलेशनशिप में था और बाद में दोनों ने शादी कर (Tech Couple Suicide) ली थी। उनकी शादी को करीब 9 साल हो चुके थे। शुरुआत में सब कुछ सामान्य था, लेकिन समय के साथ रिश्ते में तनाव बढ़ने लगा। सूत्रों के अनुसार, पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होते रहते थे, जो धीरे-धीरे गंभीर होते चले गए। पुलिस को शक है कि इसी तनाव और आपसी मनमुटाव ने दोनों को इतना बड़ा कदम उठाने के लिए मजबूर किया।
क्या मानसिक तनाव और बीमारी बनी वजह?
जांच में यह भी सामने आया है कि पति कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहा था। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या मानसिक तनाव, स्वास्थ्य समस्याएं और वैवाहिक विवाद मिलकर इस त्रासदी की वजह बने। अधिकारियों का कहना है कि मोबाइल, कॉल रिकॉर्ड और अन्य सबूतों की जांच की जा रही है, ताकि आत्महत्या के पीछे की असली वजह सामने आ सके।
पुलिस जांच में जुटी, कई सवाल अभी बाकी
कोथानूर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और विस्तृत जांच शुरू कर दी गई (Tech Couple Suicide) है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों ने यह कदम अचानक उठाया या पहले से कोई योजना बनाई गई थी। यह घटना एक बार फिर इस बात की ओर इशारा करती है कि आधुनिक जीवनशैली, करियर का दबाव और रिश्तों में बढ़ता तनाव लोगों की मानसिक स्थिति पर गहरा असर डाल रहा है।
समाज के लिए चेतावनी
इस तरह की घटनाएं सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं होतीं, बल्कि समाज के लिए भी एक चेतावनी होती हैं। रिश्तों में संवाद की कमी, मानसिक तनाव और अकेलापन धीरे-धीरे गंभीर रूप ले सकता है। जरूरत है कि लोग समय रहते मदद लें, अपने करीबियों से बात करें और मानसिक स्वास्थ्य को उतनी ही प्राथमिकता दें जितनी शारीरिक स्वास्थ्य को देते हैं।


