सीजी भास्कर, 5 सितंबर : राजस्व विभाग में नियमों को दरकिनार कर पास किया गया एक आदेश अब भारी पड़ गया। खैरागढ़ की तत्कालीन नायब तहसीलदार रश्मि दुबे को संभाग आयुक्त दुर्ग सत्य नारायण राठौर ने 4 सितंबर को निलंबित(Tehsildar Suspension) कर दिया है। मामला बेहद गंभीर है, उन्होंने एक भूमि विवाद में असली भूमिधारी को सुने बिना ही उसका नाम रिकॉर्ड से हटा दिया और दूसरों का नाम चढ़ा दिया।
मामला क्या है?
जमीन: खसरा नंबर 163, रकबा 0.214 हेक्टेयर
स्वामित्व: वर्ष 1968-69 से अश्वनी पिता रामाधीन के नाम दर्ज
शिकायत: भूमिधारी अश्वनी ने सीधे संभाग आयुक्त से की थी
जांच में खुलासा हुआ कि 2021 में रश्मि दुबे ने सिर्फ दो महीने में आदेश जारी कर दिया, बिना भूमिधारी को पक्षकार बनाए और बिना सुनवाई के। कब्जे के आधार पर स्वामित्व तय कर दिया गया, जबकि यह अधिकार राजस्व न्यायालय(Tehsildar Suspension) का है ही नहीं।
संभाग आयुक्त की सख्त कार्रवाई
आदेश को विधि विपरीत मानकर निरस्त किया गया
रश्मि दुबे को तत्काल प्रभाव से निलंबित(Tehsildar Suspension) कर दिया गया
निलंबन अवधि में मुख्यालय: कलेक्टर कार्यालय कबीरधाम
वे सिर्फ जीवन निर्वाह भत्ता प्राप्त करेंगी



