दुर्ग जिले के नारथा गांव में मंदिर परिसर से जुड़े एक आयोजन को लेकर विवाद ने उग्र रूप ले लिया। हनुमान मंदिर के बाहर लगने वाली दुकानों की व्यवस्था को लेकर कहासुनी बढ़ी और बात हाथापाई तक जा पहुँची। स्थानीय लोगों के मुताबिक, घटना के बाद इलाके में देर रात तक हलचल रही, वहीं (Temple Clash Durg) को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी भी दिखी।
CCTV फुटेज में दिखी कथित मारपीट की तस्वीर
घटना स्थल पर लगे CCTV कैमरों में कथित रूप से मारपीट का दृश्य रिकॉर्ड हुआ है। फुटेज में एक व्यक्ति को दूसरे पर लात-घूंसे बरसाते हुए देखा जा सकता है; बीच-बचाव की कोशिश भी होती दिखती है। वीडियो सामने आने के बाद मामला तेजी से फैला और (Temple Clash Durg) को लेकर सोशल सर्किल में चर्चा तेज हो गई।
आयोजन प्रबंधन बनाम स्थानीय आपत्ति—दोनों पक्षों के तर्क
आयोजन से जुड़े लोगों का कहना है कि सुरक्षा और व्यवस्थापन के लिहाज से दुकानों को पीछे करने का सुझाव दिया गया था। दूसरी ओर, पुजारी पक्ष का आरोप है कि असहमति जताने पर उनके परिवार के सदस्य से बदसलूकी की गई। दोनों पक्ष अपनी-अपनी बात पर कायम हैं, और (Temple Clash Durg) के बीच सामंजस्य बनाने की कोशिशें जारी हैं।
पुलिस जांच शुरू, बयान दर्ज
मामले की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची और दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए। अधिकारियों का कहना है कि CCTV फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों की जानकारी और चिकित्सकीय रिपोर्ट के आधार पर निष्पक्ष जांच की जाएगी। प्राथमिक तौर पर स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन (Temple Clash Durg) को देखते हुए एहतियातन निगरानी बढ़ाई गई है।
पुराना मंदिर, नई तकरार—गांव में असहज माहौल
ग्रामीणों के अनुसार, मंदिर वर्षों पुराना है और आसपास के परिवार लंबे समय से पूजा-पाठ व आयोजनों में सहभागी रहे हैं। हालिया विवाद से आपसी संबंधों में खटास आई है। समझाइश के प्रयास जारी हैं ताकि (Temple Clash Durg) जैसी घटनाएं दोबारा न हों और धार्मिक आयोजनों की गरिमा बनी रहे।




