झांसी। उत्तर प्रदेश के झांसी से चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां कुख्यात हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र राजपूत भले ही जेल की चारदीवारी में बंद हो, लेकिन उसकी दबंगई अब भी खत्म नहीं हुई है।
ताज़ा मामला एक मोटर पार्ट्स कारोबारी को दी गई जान से मारने की धमकी का है। आरोप है कि वीरेंद्र ने जेल में रहते हुए ही कारोबारी को फोन कर कहा – “तुम्हारी वजह से गोली खानी पड़ी, अब इतनी गोली मरवाऊंगा कि पहचान भी नहीं पाओगे।”
चार महीने पहले हुआ था विवाद
जानकारी के अनुसार, चिरगांव के पहाड़ी चुंगी निवासी कारोबारी अनिल कुमार जैन की वीरेंद्र से पुरानी रंजिश है।
26 अप्रैल को हिस्ट्रीशीटर ने एक महिला के साथ जबरन अश्लील फोटो खींचकर और तमंचा दिखाकर कारोबारी से 15 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी।
पीड़ित ने तत्काल पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसके बाद 5 मई को एसडब्ल्यूएटी टीम और पुलिस ने मुठभेड़ में वीरेंद्र को दबोच लिया था। उस दौरान पुलिस की गोली उसके पैर में लगी थी और उसे जेल भेज दिया गया।
जेल से मिली धमकी, 46 सेकेंड की रिकॉर्डिंग
पीड़ित का आरोप है कि आरोपी ने 8 अगस्त को सीधे जेल से फोन करके धमकी दी। उसने कारोबारी को चेतावनी दी कि जेल में आकर मुलाकात करो, नहीं तो पूरे परिवार को मौत के घाट उतार दूंगा।
यह कॉल 46 सेकेंड तक रिकॉर्ड हुआ है, जिसमें वीरेंद्र को ठेठ बुंदेलखंडी अंदाज में गालियां और धमकियां देते सुना जा सकता है।
कारोबारी और परिवार में दहशत
कारोबारी अनिल कुमार का कहना है कि यह पहली बार नहीं है। इससे पहले भी वीरेंद्र जेल से कॉल कर धमकी दे चुका है, लेकिन डर की वजह से वह सामने नहीं आ पाए।
बार-बार मिल रही धमकियों से उनका परिवार डरा और सहमा हुआ है। सवाल यह भी खड़ा हो रहा है कि आखिर जेल में बंद आरोपी के पास मोबाइल फोन कैसे पहुंचा?
पुलिस और जेल प्रशासन पर उठे सवाल
पीड़ित की शिकायत पर चिरगांव पुलिस ने वीरेंद्र राजपूत के खिलाफ नया केस दर्ज किया है। एसपी ग्रामीण डॉ. अरविंद कुमार का कहना है कि संभावना है कि आरोपी ने कोर्ट पेशी के दौरान किसी से फोन लिया हो।
फिलहाल पुलिस कॉल डिटेल और लोकेशन खंगाल रही है। वहीं, जेल प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर हिस्ट्रीशीटर कैदी तक मोबाइल पहुंचा कैसे।
कौन है वीरेंद्र राजपूत?
वीरेंद्र राजपूत झांसी और आसपास के जिलों का कुख्यात हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ रंगदारी, लूट, धमकी और मारपीट जैसे कई संगीन मामले दर्ज हैं।
पुलिस की गोली खाने के बाद लोगों को लगा था कि उसकी दबंगई खत्म हो गई है, लेकिन जेल से ही धमकी भरे कॉल आने पर उसकी गुंडई का नया चेहरा सामने आ गया है।