रायपुर: छत्तीसगढ़ में युवाओं के लिए तकनीकी क्रांति की एक नई शुरुआत होने जा रही है। राज्य युवा आयोग और ट्रिपलआईटी रायपुर (IIIT Raipur) के संयुक्त प्रयास से 150 होनहार युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग, डेटा साइंस और क्लाउड कंप्यूटिंग जैसी अत्याधुनिक तकनीकों में ट्रेनिंग दी जाएगी। यह विशेष प्रशिक्षण दिसंबर 2025 से शुरू किया जाएगा।
टेक्नोलॉजी का ड्रीम अब होगा रियलिटी
इस योजना के अंतर्गत चयनित युवाओं को IIIT रायपुर के कैंपस में ही ठहरने, पढ़ाई और भोजन की सुविधाएं मिलेंगी। खास बात यह है कि यह ट्रेनिंग उन्हीं महीनों में करवाई जाएगी जब संस्थान में छुट्टियां होती हैं — यानी संसाधनों का बेहतर और रचनात्मक उपयोग किया जाएगा।
AI और आधुनिक तकनीक में दो महीने की गहन ट्रेनिंग
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य है छत्तीसगढ़ के युवाओं को भविष्य की तकनीकों के लिए तैयार करना। युवाओं को न सिर्फ AI, बल्कि मशीन लर्निंग, डेटा साइंस, और क्लाउड जैसी स्किल्स में विशेषज्ञता दी जाएगी। ट्रेनिंग इंडस्ट्री के अनुभवी प्रोफेशनल्स और IIIT के फैकल्टी द्वारा दी जाएगी।
गांव-कस्बों के युवाओं को मिलेगा बड़ा प्लेटफॉर्म
राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्वविजय तोमर ने बताया कि प्रदेश में कई ऐसे प्रतिभाशाली युवा हैं जो संसाधनों की कमी के कारण उच्च तकनीकी शिक्षा नहीं ले पाते। यह योजना उन युवाओं को मौका देगी कि वे ट्रिपलआईटी जैसे प्रीमियम संस्थान के कैंपस में रहकर वही शिक्षा पा सकें जिसका वे सपना देखते हैं।
मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्रालय का मार्गदर्शन
इस महत्वाकांक्षी योजना को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री व तकनीकी शिक्षा मंत्री विजय शर्मा और खेल एवं युवा कल्याण मंत्री टंकराम वर्मा का पूरा समर्थन प्राप्त है। जल्द ही इस योजना की चयन प्रक्रिया, आवेदन की तारीखें और दिशानिर्देश जारी किए जाएंगे।
छत्तीसगढ़ का लक्ष्य: डिजिटल और टेक्निकल एक्सीलेंस
राज्य युवा आयोग का उद्देश्य है कि दिसंबर 2025 से शुरू हो रही इस योजना के जरिए छत्तीसगढ़ के युवाओं को सिर्फ तकनीक ही नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और प्रोफेशनल सोच भी दी जाए। यह पहल न सिर्फ करियर के नए रास्ते खोलेगी, बल्कि राज्य को डिजिटल रूप से सशक्त बनाएगी।


