सीजी भास्कर, 1 जुलाई। अनुसूचित जनजाति वर्ग से जुड़े विभिन्न मुद्दों के प्रभावी समाधान और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में आदिवासी हितों (Tribal Welfare Committee) से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के समन्वय से उच्च स्तरीय समिति गठित करने तथा फर्जी जाति प्रमाण-पत्रों की जांच प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी एवं सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए गए।
आदिवासी हितों के लिए बनेगी उच्च स्तरीय समिति
बैठक में आदिवासी हितों (Tribal Welfare Committee) से जुड़े मामलों के समन्वित अध्ययन और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास, वन एवं जलवायु परिवर्तन, सामान्य प्रशासन, आदिम जाति एवं अनुसूचित जनजाति विकास तथा खनिज विभाग के सचिवों को शामिल करते हुए उच्च स्तरीय समिति गठित करने का निर्णय लिया गया।
पेसा एक्ट और फर्जी जाति प्रमाण-पत्र पर विशेष चर्चा
बैठक में अनुसूचित क्षेत्रों में पेसा एक्ट (PESA Act) 1996 एवं राज्य के पेसा नियम 2022 के प्रभावी क्रियान्वयन, अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रशिक्षण, फर्जी जाति प्रमाण-पत्र के आधार पर शासकीय सेवा या पदोन्नति प्राप्त करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि जाति प्रमाण-पत्रों की जांच पूरी तरह पारदर्शी और मजबूत व्यवस्था के तहत की जाए तथा सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें।
आदिवासी विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति योजना में होगा संशोधन
आदिवासी हितों (Tribal Welfare Committee) की समीक्षा बैठक में आदिवासी विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति योजना को वर्तमान जरूरतों के अनुरूप संशोधित करने पर भी सहमति बनी। मुख्य सचिव ने इस संबंध में केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, सामान्य प्रशासन एवं वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



