सीजी भास्कर, 28 अक्टूबर। शिक्षक नगर दुर्ग में हुई चोरी का मामला अब सुलझ चुका है। (Trinayan App Theft Case Durg) में पुलिस ने तकनीक का इस्तेमाल करते हुए न सिर्फ चोरी का पर्दाफाश किया बल्कि चोरी गया पूरा सामान भी बरामद कर लिया। इस सफलता के पीछे पुलिस की सतर्कता और त्रिनयन एप्प की अहम भूमिका रही।

खाली घर को बनाया निशाना
शिक्षक नगर, दुर्ग में रहने वाले 89 वर्षीय उमा शंकर पटैरिया ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके सुनसान मकान से 11 से 17 अक्टूबर के बीच कोई अज्ञात चोर 50 ग्राम सोने का बिस्किट, पीतल और कांसे के बर्तन समेत कुल 6.58 लाख रुपये का सामान चोरी कर ले गया। पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
Trinayan App बना केस सॉल्व करने का हथियार
विवेचना के दौरान पुलिस ने (Trinayan App) का उपयोग किया, जिससे संदिग्ध गतिविधियों का पता चला। इसी ऐप के जरिए पुलिस को तीन विधि से संघर्षरत नाबालिगों की संलिप्तता का पता चला। पूछताछ में उन्होंने चोरी की वारदात कबूल की और बताया कि चोरी का माल उन्होंने एक महिला को बेच दिया था।
महिला खरीदार भी आई पुलिस की पकड़ में Trinayan App Theft Case Durg
पुलिस ने आरोपी महिला राखी कसेर (उम्र 50 वर्ष, निवासी संतराबाड़ी, दुर्ग) को हिरासत में लेकर पूछताछ की। महिला ने चोरी का माल खरीदने की बात स्वीकार की। पुलिस ने उसके पास से चोरी गया सामान बरामद किया, जिसमें सोने का बिस्किट, पीतल के कोपर और कलश, कांसे का कलश और एक पीतल की टंकी शामिल है।

पुलिस टीम की सराहनीय कार्रवाई Trinayan App Theft Case Durg
पूरा मामला सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार किया और तीनों बालकों को बाल निरीक्षण गृह भेजा। इस पूरे अभियान में निरीक्षक तापेश्वर सिंह नेताम, सहायक उपनिरीक्षक रामकृष्ण तिवारी, प्रधान आरक्षक आबिद खान और आरक्षक प्रशांत पाटनकर की भूमिका उल्लेखनीय रही।
Trinayan App बना डिजिटल सतर्कता का प्रतीक
यह मामला इस बात का उदाहरण है कि कैसे आधुनिक तकनीक और पुलिस की तत्परता मिलकर अपराधियों को बेनकाब कर सकती है। (Trinayan App Theft Case Durg) ने न केवल चोरी का राज़ खोला बल्कि समाज में यह संदेश भी दिया कि अब अपराध कितना भी छोटा क्यों न हो, डिजिटल आंखें हर जगह हैं।


