सीजी भास्कर, 31 अगस्त। मंदिरों में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं का पर्दाफाश करते हुए एक 45 वर्षीय चोर को गिरफ्तार किया है।
आरोपी लंबे समय से दुर्ग और आसपास के मंदिरों को निशाना बना रहा था। वह मंदिरों में रखे दानपात्र के ताले तोड़कर पैसा चोरी करता और फिर फरार हो जाता।
भगवान से बदला लेने की वजह से करता था चोरी
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने चौंकाने वाली वजह बताई।
उसने कहा कि वह भगवान से बदला लेने के लिए मंदिरों में चोरी करता था।
दरअसल, 2011-12 में एक मारपीट के मामले में जेल जाने के बाद उसे HIV संक्रमण हो गया था।
तभी से उसका भगवान पर से भरोसा उठ गया और उसने मंदिरों से ही चोरी करने की ठान ली।
10 से ज्यादा वारदातें कबूल
आरोपी ने स्वीकार किया है कि उसने अब तक दुर्ग और आसपास के मंदिरों में कम से कम 10 चोरी की वारदातें की हैं।
पुलिस को शक है कि इसमें और लोग भी शामिल हो सकते हैं। आरोपी सिर्फ दानपात्र का नगद उठाता था, लेकिन गहनों और अन्य चढ़ावे को हाथ तक नहीं लगाता था।
पहचान छिपाने के लिए अपनाई चालाकी
वारदात के दौरान पकड़े न जाने के लिए आरोपी बेहद चालाकी से काम करता था। वह चोरी से पहले और बाद में कपड़े बदल लेता और अपना स्कूटर हमेशा मंदिर से दूर खड़ा करता।
हाल ही में उसने 23-24 अगस्त को जैन मंदिर में चोरी की थी। शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और CCTV फुटेज व त्रिनयन ऐप की मदद से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
जेल से बाहर आते ही शुरू की चोरियां
पुलिस की मानें तो आरोपी ने साल 2012 में जेल से बाहर आते ही मंदिरों को निशाना बनाना शुरू कर दिया था। तब से वह लगातार वारदातों को अंजाम दे रहा था।
फिलहाल पुलिस आरोपी से और पूछताछ कर रही है कि कहीं और भी चोरी तो नहीं की गई।