सीजी भास्कर 5 फ़रवरी रायगढ़ जिले के खरसिया क्षेत्र में स्थित मंगल कार्बन टायर फैक्ट्री में मंगलवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब उत्पादन कार्य के दौरान अचानक तेज धमाका हो गया। Tyre Factory Blast की इस घटना में गैस टैंक फटने से फैक्ट्री में काम कर रहे 8 मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए। धमाके की आवाज दूर तक सुनाई दी, जिससे आसपास के इलाकों में भी हड़कंप मच गया।
25 से 30 प्रतिशत तक झुलसे मजदूर
हादसे में घायल मजदूरों को तत्काल खरसिया से जिला अस्पताल रेफर किया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, सभी मजदूर 25 से 30 प्रतिशत तक झुलसे हैं। Tyre Factory Blast में घायल लोगों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है, लेकिन कुछ मजदूरों को विशेष निगरानी में रखा गया है।
घायलों में बच्ची शामिल, फैक्ट्री सुरक्षा पर उठे सवाल
इस हादसे की सबसे चिंताजनक बात यह है कि झुलसने वालों में एक नाबालिग बच्ची भी शामिल है। Tyre Factory Blast ने फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों और श्रमिकों की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फैक्ट्री में बाल श्रम या परिजन की मौजूदगी को लेकर भी जांच की जा रही है।
बानीपाथर क्षेत्र में मची अफरा-तफरी, पुलिस मौके पर
घटना की सूचना मिलते ही बानीपाथर क्षेत्र में पुलिस और प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। Tyre Factory Blast के बाद फैक्ट्री परिसर को सील कर दिया गया है और ब्लास्ट के कारणों की तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक तौर पर गैस टैंक में दबाव बढ़ने को हादसे की वजह माना जा रहा है।
हालिया घटनाओं से औद्योगिक सुरक्षा पर चिंता
गौरतलब है कि हाल के दिनों में प्रदेश के औद्योगिक और व्यावसायिक इलाकों में आग और ब्लास्ट की घटनाएं सामने आई हैं। Tyre Factory Blast की यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि क्या फैक्ट्रियों में सुरक्षा मानकों का सही तरीके से पालन हो रहा है या नहीं।
जांच के बाद तय होगी जिम्मेदारी
प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी। फैक्ट्री प्रबंधन से सुरक्षा ऑडिट, गैस टैंक मेंटेनेंस और श्रमिक सुरक्षा दस्तावेज मांगे गए हैं। Tyre Factory Blast मामले में लापरवाही साबित होने पर कड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।




