सीजी भास्कर, 4 दिसंबर। क्षेत्रीय हवाई संपर्क बढ़ाने के लिए शुरू की गई रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम (आरसीएस) उड़ान (UDAN Scheme) के तहत अब तक 3.27 लाख से अधिक फ्लाइट्स का संचालन किया जा चुका है और इससे 157 लाख से अधिक यात्रियों को सीधा लाभ मिला है। केंद्र सरकार ने गुरुवार को यह जानकारी साझा की। सरकार ने बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 में महाराष्ट्र के अमरावती और सोलापुर में नए एयरपोर्ट विकसित कर उनका संचालन भी शुरू किया गया है।
केंद्रीय नागर विमानन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने लोकसभा में लिखित जवाब में बताया कि जनवरी 2024 से नवंबर 2025 के बीच महाराष्ट्र में 34 नए आरसीएस रूट (UDAN Scheme) शुरू किए गए, जो देश के विभिन्न हिस्सों के एयरपोर्ट्स को जोड़ते हैं, जिनमें आदिवासी व पिछड़े जिलों में स्थित हवाई अड्डे भी शामिल हैं।
केंद्रीय मंत्री के अनुसार, उड़ान योजना के तहत एयरलाइन ऑपरेटरों की भागीदारी को बढ़ावा देने और टिकट कीमतों को किफायती रखने के लिए वाएबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) और कई रियायतें प्रदान की जाती हैं। उन्होंने बताया कि अब तक चयनित एयरलाइन ऑपरेटरों को वीजीएफ के रूप में कुल 4,352 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं।
सरकार उड़ान मार्गों के उपयोग और प्रदर्शन की निगरानी लोड फैक्टर, समय पर उड़ान, विमान तैनाती और सेवा स्थिरता जैसे मानकों के आधार पर करती है। यह समीक्षा एक संरचित मॉनिटरिंग सिस्टम के माध्यम से समय-समय पर की जाती है।
मोहोल ने यह भी कहा कि महाराष्ट्र सहित देश के अलग-अलग हिस्सों में स्थित ऑपरेशनल एयरपोर्ट्स खासकर आदिवासी या दूरदराज के जिलों में—का लगातार मूल्यांकन किया जाता है, और निर्धारित मानकों को पूरा करने वाले मार्गों को निरंतर समर्थन दिया जाता है ताकि कम सेवा वाले क्षेत्रों में भरोसेमंद हवाई संपर्क सुनिश्चित रहे।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उड़ान आज भारत की सबसे सराही जाने वाली उपलब्धियों में से एक है, जिसने देश के सामाजिक और आर्थिक ढांचे में नई ऊर्जा भरी है। भारत का नागर विमानन क्षेत्र विश्व के अधिकांश बाजारों की तुलना में तेजी से बढ़ा है और देश अब दुनिया के शीर्ष तीन घरेलू विमानन बाजारों में शामिल है। उड़ान योजना के तहत अभी तक कुल 649 रूट शुरू किए जा चुके हैं, जो 93 बिना सेवा और कम सेवा वाले एयरपोर्ट्स को जोड़ते हैं, जिनमें 15 हेलीपोर्ट और 2 वाटर एयरपोर्ट शामिल हैं।





